Description
यह पुस्तक सामाजिक यथार्थ, व्यक्तिगत अनुभवों, और समाज में व्याप्त असमानताओं पर आधारित कथाओं का संग्रह है। इसमें वर्णित पात्र, घटनाएँ, संवाद और परिस्थितियाँ पूर्णतः वास्तविक व्यक्तियों या घटनाओं से मेल खाएँ, यह आवश्यक नहीं है। कुछ कथाएँ सत्य घटनाओं से प्रेरित हो सकती हैं, परंतु उन्हें साहित्यिक उद्देश्य से रूपांतरित किया गया है।
करमवीर बड़मुंडा एक शिक्षाविद्, तकनीकविद् और लेखक हैं, जिन्हें शिक्षा, प्रौद्योगिकी, इक्विटी निवेश और निर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में पंद्रह वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उनका पेशेवर जीवन ग्रामीण भारत के कक्षाओं से लेकर तकनीकी नवाचार और प्रशासनिक नेतृत्व तक विस्तृत रहा है।
वे वराहस टेक्नोलॉजीज़ के संस्थापक रह चुके हैं तथा एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में सीनियर असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। वर्तमान में वे अपना अधिकांश समय ग्रामीण शिक्षा, विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन और सामाजिक चेतना से जुड़े लेखन को समर्पित कर रहे हैं।
उनका लेखन वास्तविक जीवन के अनुभवों और कल्पनात्मक कथा-तत्वों का संयोजन है, जिसमें समाज, शिक्षा, मानव विकास और नैतिक प्रश्नों की गहन पड़ताल की जाती है। इस पुस्तक के माध्यम से लेखक ने विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश, विद्यार्थियों की चुनौतियों, और समाज में स्त्री एवं शिक्षा की भूमिका पर केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
करमवीर बड़मुंडा के लिए लेखन केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक दायित्व है—ऐसा दायित्व जो प्रश्न उठाता है, सोच को झकझोरता है और परिवर्तन की दिशा में पहला कदम बनता है।