Description
“गीतों का दर्द (गीत संग्रह)” चंद्र मोहन नीले द्वारा रचित एक मार्मिक काव्य-संग्रह है, जिसमें जीवन के पीड़ा भरे अनुभवों, टूटे सपनों और अनकही भावनाओं को गीतों के माध्यम से संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
इस संग्रह में प्रेम की कसक, विरह की तड़प, अधूरे रिश्तों का दर्द, संघर्ष की आग और आत्मा की गहराइयों से निकली अनुभूतियाँ पाठकों के हृदय को गहराई से स्पर्श करती हैं।
यह पुस्तक बीते हुए पलों की टीस और वर्तमान की बेचैनियों का ऐसा भावुक संगम है, जो पाठक को भीतर तक झकझोर देता है। हर गीत अपनी सरलता और सच्ची भावनात्मक अभिव्यक्ति के साथ मन में देर तक गूंजता रहता है।
पुस्तक की विशेषताएँ:
• प्रेम, विरह और पीड़ा की अनुभूतियों का सजीव एवं सशक्त चित्रण
• सरल, संवेदनशील और हृदय को छू लेने वाली भाषा
• प्रत्येक गीत पाठक को अपने जीवन के दर्द और यादों से जोड़ने की क्षमता रखता है
• भावुक पाठकों और गीत-प्रेमियों के लिए एक अनमोल संग्रह
कुछ गीतों की झलक
"टूटे ख्वाबों की किरचें लेकर,
चलता रहा मैं अनजान,
हर मुस्कान के पीछे छुपा है,
आँखों में बसा एक तूफ़ान।"
“गीतों का दर्द (गीत संग्रह)” केवल गीतों का संकलन नहीं, बल्कि लेखक के हृदय की गहराइयों से निकला वह दर्द है, जो शब्दों का रूप लेकर पाठकों को एक भावनात्मक और आत्मीय यात्रा पर ले जाता है।
चंद्रमोहन नीले का जन्म पंजाब प्रांत के फगवाड़ा शहर में एक सुसंस्कारित परिवार में हुआ। पिता श्री श्याम लाल जी और माता श्रीमती रतन देवी की संतान के रूप में सात भाई-बहनों में सबसे छोटे होने का स्नेह उन्हें मिला।
प्रारंभिक शिक्षा के बाद ग्रेजुएशन पूर्ण कर वे अपने बड़े भाई श्री चमन नीले जी (जो फिल्म उद्योग में निर्देशक थे) के मार्गदर्शन में मुंबई पहुँचे। यहीं से उनके जीवन को नया मोड़ मिला और उन्होंने फिल्म व टेलीविज़न इंडस्ट्री में लेखक, निर्देशक और अभिनेता के रूप में अपनी पहचान बनाई।
विद्यालय और महाविद्यालय के दिनों से ही उन्हें लेखन, कविता, गीत, ग़ज़ल और लघुकथा लिखने का शौक था, जो समय के साथ जुनून में बदल गया। विशेषकर कोरोना काल में यह लेखन उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया और उन्होंने अपने अनुभवों और भावनाओं को गीतों के रूप में अभिव्यक्त करना शुरू किया।
अब तक उनकी कई पुस्तकें पाठकों के बीच लोकप्रिय हो चुकी हैं, जिनमें "गीतों का उपहार," "गीतों का गुलदस्ता," "भावांजलि," "गीतों की गंगा," "गीत जिंदगी के," "गीतों की माला," "ढाई अक्षर प्रेम का," "प्रीत के गीत," "गीतों का सागर," "गीत मिलन के," "गीतों का गुलशन," और "पुरानी यादें नए गीत", "गीतों का संगम", "गीतों की सरगम" प्रमुख हैं। ये सभी पुस्तकें अमेज़न, फ्लिपकार्ट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
उनकी कविताएं "निशब्द प्रेम," "साहित्य मंजूषा," "प्रेम लता," "मन और मैं," "ऑपरेशन सिंदूर" जैसे अनेक सांझा संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। साथ ही नवोदय मासिक पत्रिका तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं और मंचों पर भी उनकी रचनाओं ने स्थान बनाया है।
आज वे अपना नया “गीतों का दर्द (गीत संग्रह)” लेकर पाठकों के समक्ष उपस्थित हैं, जिसमें जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों से उपजा दर्द, गहन संवेदनाएँ और प्रेम का करुण व सजीव प्रवाह सशक्त रूप में अभिव्यक्त हुआ है, जो सीधे हृदय को छू जाता है।
चंद्रमोहन नीले का मानना है कि—
"संघर्ष चाहे जितना भी हो, यदि परिवार का साथ और ईश्वर का आशीर्वाद मिले तो सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है।"
Email: chamoni@rediffmail.com
ISBN: 9788199798892
Publisher: Sjain Publication
Number of Pages: 100
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding:
Paperback (Perfect Binding)
Availability:
In Stock (Print on Demand)