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त्रिवेणी हिंदी दोहा सहस्र

डॉ. त्रिवेणी प्रसाद दुबे 'मनीष'
Type: Print Book
Genre: Poetry, Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹279 + shipping
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Description of "त्रिवेणी हिंदी दोहा सहस्र"

“कल्प कल्पना ही बने, ललित लोक संचार |
नवल प्राण को खोजते, मनुज भाव आधार ||
“रंग रसायन कर रहे, जग जीवन बेचैन |
जैविक रंगों के लिए, लोग विकल दिन रैन ||”

‘त्रिवेणी दोहा सहस्र’ में कवि डॉ. त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ जी ने उन सभी बिन्दुओं पर अपनी लेखनी चलाई है जिनकी आज के समाज को अतीव आवश्यकता है। यह कृति पूर्ण रूप से समाजोपयोगी है। खड़ी बोली में विरचित दोहा छन्दों की यह सुन्दर, सरस एवं सहज कृति है। इस कृति की रचना हेतु मैं कविवर डॉ. त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ जी को हार्दिक बधाई देता हूँ।
१२ नवम्बर २०१८
अशोक कुमार पाण्डेय ‘अशो
सम्पादक ‘ब्रज कुमुदेश’

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प्रस्तुत संग्रह में दोहों के माध्यम से की गई प्रस्तुतियों को सुरुचिपूर्वक एवं सुव्यवस्थित रूप से मूर्त रूप देने के लिए निरंतर उत्साहित किए जाने हेतु विभिन्न विषयों का समायोजन स्पष्ट रूप से नजर आता है जैसे- प्राकृतिक, आध्यात्मिक, दार्शनिक, राष्ट्रीय, सामाजिक, नैतिक एवं सांस्कतिक। इसे पढ़ते-पढ़ते ऐसा प्रतीत होता है कि डॉ.त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ जी ने अपनी अनुभूतियों को दोहे में ढाल पाने का कमाल बखूबी निभाया है और जन जीवन के विभिन्न पक्षों को अपने प्रभावशाली ढंग से उद्धारित किया है।
दिनांकः ०१-०३-२०१९
डॉ.सुल्तान शाकिर हाशमी
वरिष्ठ साहित्यकार
पूर्व सलाहकार सदस्य,योजना आयोग, भारत सरकार

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‘त्रिवेणी दोहा सहस्र’ कवि के ऐसे ही दोहों का संकलन है जिसमें अनेक लीक से अलग हट कर लिखे गये हैं जो कवि को एक नयी सोच का दोहाकार सिद्ध करने में सदैव सहायक होंगे। दूसरी विशेषता यह है कि भाषा के शब्दों का सुंदरतम प्रयोग, हर दोहे में परिलक्षित है। लेखनी की निरन्तरता में भाषा के शब्दों का चयन स्वतः स्फूर्त है जो एक सुन्दर प्रयोग है।पुस्तक हर दृष्टि से चर्चित और वर्णित रहेगी। दोहा प्रेमियों के लिए यह एक अनुपम सृजन है। डॉ. त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ को इस संग्रह हेतु अनेक बधाइयाँ दी जा सकती हैं। संग्रह सर्वत्र प्रशंसित होगा, ऐसा मेरा विश्वास है|
१२-०२-२०१९
ज्ञानेन्द्र साज
संपादक ‘जर्जर कश्ती’

About the author(s)

डा. त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ हिंदी के ऐसे वरिष्ठ एवं लब्धप्रतिष्ठ रचनाधर्मी हैं जिनका गद्य सृजन एवं पद्य सृजन पर समान अधिकार है।उनके अब तक दस हिंदी गद्य संग्रह(कहानी संग्रह ४, उपन्यास-२,निबन्ध संग्रह-३, नाटक संग्रह-१) और नौ हिंदी पद्य संग्रह(कविता संग्रह-४, दोहा संग्रह-२, काव्य नाटिका-१, गीत एवं मुक्तक संग्रह-१, गीत संग्रह) प्रकाशित हो चुके हैं। इनके अतिरिक्त इनके अंग्रेजी के पाँच संग्रह(कहानी संग्रह-२,कविता संग्रह-२, विनियर/प्लाईवुड पर विधिक पुस्तक-१) प्रकाशित हो चुकी है।डाक्टर त्रिवेणी प्रसाद दूबे ‘मनीष’ को साठ से भी अधिक साहित्यिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं । इनमें उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का प्रतिष्ठित कबीर पुरस्कार, उ.प्र. राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान का अमृतलाल नागर सम्मान और विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ का ‘विद्यावाचस्पति’ और ‘विद्यासागर’ भी सम्मिलित है।

Book Details
Number of Pages: 189
Dimensions: 5"x8"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)
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