You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

हनुमान चालीसा का सार

सफल जीवन प्रबंधन के लिए मंत्र
डॉ विभव कुमार सचान
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction, Parenting & Families
Language: Hindi
Price: ₹399 + shipping
Price: ₹399 + shipping

Due to the restrictions in place because of Covid-19 pandemic, Print books are temporarily unavailable.

You can click the button below to get notified once the book is available again.

Description of "हनुमान चालीसा का सार"
जीवन में गुरु नहीं है तो आपको कोई आगे नहीं बढ़ा सकता। गुरु ही आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं। इसलिए तुलसीदास ने लिखा है कि गुरु के चरणों की धूल से मन के दर्पण को साफ करता हूं। आज के दौर में गुरु हमारा मेंटोर भी हो सकता है, बॉस भी। माता-पिता को पहला गुरु ही कहा गया है। समझने वाली बात ये है कि गुरु यानी अपने से बड़ों का सम्मान करना जरूरी है। अगर तरक्की की राह पर आगे बढ़ना है तो विनम्रता के साथ बड़ों का सम्मान करें। आज के दौर में आपकी तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप रहते और दिखते कैसे हैं। फर्स्ट इंप्रेशन अच्छा होना चाहिए। अगर आप बहुत गुणवान भी हैं लेकिन अच्छे से नहीं रहते हैं तो ये बात आपके करियर को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, रहन-सहन और ड्रेसअप हमेशा अच्छा रखें। आज के दौर में एक अच्छी डिग्री होना बहुत जरूरी है। लेकिन हनुमान चालीसा कहती है सिर्फ डिग्री होने से आप सफल नहीं होंगे। विद्या हासिल करने के साथ आपको अपने गुणों को भी बढ़ाना पड़ेगा, बुद्धि में चतुराई भी लानी होगी। हनुमान में तीनों गुण हैं, वे सूर्य के शिष्य हैं, गुणी भी हैं और चतुर भी।जो आपकी प्राथमिकता है, जो आपका काम है, उसे लेकर सिर्फ बोलने में नहीं, सुनने में भी आपको रस आना चाहिए।अच्छा श्रोता होना बहुत जरूरी है। अगर आपके पास सुनने की कला नहीं है तो आप कभी अच्छे लीडर नहीं बन सकते।कब, कहां, किस परिस्थिति में खुद का व्यवहार कैसा रखना है, ये कला हनुमानजी से सीखी जा सकती है। सीता से जब अशोक वाटिका में मिले तो उनके सामने छोटे वानर के आकार में मिले, वहीं जब लंका जलाई तो पर्वताकार रुप धर लिया। अक्सर लोग ये ही तय नहीं कर पाते हैं कि उन्हें कब किसके सामने कैसा दिखना है।किसको, कहां, क्या सलाह देनी चाहिए, इसकी समझ बहुत आवश्यक है। सही समय पर सही इंसान को दी गई सलाह सिर्फ उसका ही फायदा नहीं करती, आपको भी कहीं ना कहीं फायदा पहुंचाती है।अगर आपमें खुद पर और अपने परमात्मा पर पूरा भरोसा है तो आप कोई भी मुश्किल से मुश्किल टॉस्क को आसानी से पूरा कर सकते हैं। आज के युवाओं में एक कमी ये भी है कि उनका भरोसा बहुत जल्दी टूट जाता है। आत्मविश्वास की कमी भी बहुत है। प्रतिस्पर्धा के दौर में आत्मविश्वास की कमी होना खतरनाक है। अपनेआप पर पूरा भरोसा रखे।
About the author(s)
Dr. Vibhav Kumar Sachan is the acclaimed author of books title ‘सफलता के मूलमंत्र: जीवन और समय प्रबंधन कौशल’ and 'आधुनिक परवरिश शैली: बच्चों के सर्वांगीण विकास मे माता-पिता की भूमिका’. He has been passionate about writing and has a strong interest in teaching for over two decades. Currently, he is Professor in Electronics and Communication Engineering, KIET, Ghaziabad. He began his career in 2001 in teaching. The Educational background of Dr. Vibhav Kumar Sachan includes B.Tech. in EIE, M. Tech and Ph.D. in Electronics & Communication Engineering. He has been an author of various Text Books in Engineering Stream. He also loves to write self-help and historical fiction books. His educational background has given him a broad base to approach a lot of topics (Education and Experience).
Book Details
Publisher: श्रीमती जयदेवी सचान मेमोरियल प्रकाशन भवन
Number of Pages: 78
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)
Other Books in Literature & Fiction, Parenting & Families

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account trasnfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.