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श्यामपुर गाँव का एक साधारण युवक, मुरली, अनायास ही एक रहस्यमयी लड़की, चंदा, से टकरा जाता है—अद्भुत सुंदरता की स्वामिनी, जो हर मुलाकात के बाद रहस्यमय ढंग से गायब हो जाती है। वह दावा करती है कि उसका अस्तित्व साधारण नहीं, बल्कि ‘प्रकाश–रूपक’ है, और उसका मुरली से संबंध सदियों पुराना है।
जैसे-जैसे मुरली इस रहस्य की गहराइयों में उतरता है, उसे ऐसे सच का सामना करना पड़ता है जो उसकी कल्पना से परे है। गाँव वाले इसे किसी अनहोनी का संकेत मानते हैं, माता-पिता भयभीत हैं, लेकिन मुरली के भीतर उठते सवाल थमने को तैयार नहीं।
क्या चंदा किसी अन्य लोक की प्राणी है, या यह किसी भूले-बिसरे प्रेम की छाया है?
क्या मुरली उस रहस्य को सुलझा पाएगा जो सदियों से अज्ञात है? क्या 200 वर्षों पुराना प्रेम पुनः जीवित होगा? जानिए इस अद्भुत उपन्यास में!
प्रेम, रहस्य और अलौकिक शक्तियों से घिरी इस कथा में हर मोड़ एक नया रहस्य खोलता है। हकीकत और कल्पना की धुंधली होती रेखाओं के बीच, यह कहानी आपको ऐसी दुनिया में ले जाएगी, जहाँ प्रेम काल की सीमाओं से परे है।
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