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अमोघ गणित

राम रहस्य समीकरण
प्रणव कुमार झा
Type: Print Book
Genre: Mathematics
Language: Hindi
Price: ₹499 + shipping
This book ships within India only.
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Description

अमोघ गणित: राम रहस्य समीकरण

क्या आपने कभी सोचा है कि जीवन की हर समस्या — चाहे वह रिश्तों की हो, मन की हो, या अस्तित्व की — एक ही जड़ से उगती है?

अमोघ गणित कहता है — हाँ। और वह जड़ है द्वैत — वह दूरी जो हमें अपने असली स्वरूप से अलग करती है।

इस पुस्तक का केंद्र एक समीकरण है:

lim(D→0) P = A = श्रीराम

जैसे-जैसे द्वैत (D) शून्य की ओर जाता है — समस्या (P) परम सत्य (A = श्रीराम) में विलीन हो जाती है।

यह केवल एक गणितीय सूत्र नहीं। यह चेतना के रूपांतरण का मानचित्र है।

इस पुस्तक में आप जानेंगे:

- द्वैत के सात रूप — जो हमारी हर पीड़ा के मूल में हैं
- समस्या वास्तव में समस्या नहीं — वह राम की ओर एक संकेत है
- श्रीराम वह सार्वभौमिक स्थिरांक क्यों हैं जो हर समीकरण में शेष बचते हैं
- PDDF विधि और axiomatic approach — दूरी पाटने के व्यावहारिक सेतु
- अमोघ जीवन — इस दर्शन को रोज़मर्रा में जीना

यह पुस्तक उन सबके लिए है जो गणित की भाषा में सोचते हैं, पर राम को हृदय में रखते हैं। जो विज्ञान और अध्यात्म को अलग नहीं मानते। जो जानते हैं कि सत्य एक है — बस उसे देखने की दृष्टि चाहिए।

अमोघ — जो कभी निष्फल न हो।

यह पुस्तक उसी अचूक सत्य की ओर एक यात्रा है।

जय सीताराम

About the Author

प्रणव कुमार झा 'राम रहस्य दर्शन' के साधक और 'अमोघ गणित' के सृजक हैं — एक ऐसी अनूठी दार्शनिक प्रणाली जो गणित की कठोरता और आध्यात्मिक अनुभूति को एक सूत्र में बाँधती है।

बिहार की माटी में पले-बढ़े प्रणव ने बरसात के दिनों में नदी पार कर स्कूल जाने से जो पाठ सीखा — धैर्य, साहस और प्रवाह — वही 'अमोघ गणित' की नींव बना। IISc बेंगलुरु से Structural Engineering में MS करने के बाद उन्होंने पाया कि भौतिक जगत की कोई भी संरचना 'राम की सृष्टि' के अनंत खेल को समाहित नहीं कर सकती।

वे Infosys, मैसूर में Cybersecurity के Senior Manager हैं। पेशे में जोखिम और प्रणाली की जो व्यवस्थित दृष्टि है, वही 'राम रहस्य समीकरण' की संरचना में भी झलकती है।

उनका संपूर्ण जीवन उस एक प्रश्न का उत्तर खोजने का प्रयास है — जब द्वैत विलीन होता है, तब क्या शेष रहता है?

ramrahasya.com

Book Details

Publisher: Ram Rahasya Darshan, Mysore, India
Number of Pages: 264
Dimensions: 6"x9"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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