You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
क्या आपकी मेहनत सही दिशा में है, या आप गलत लोगों के साथ दौड़ रहे हैं?
हम अक्सर अपनी असफलताओं के लिए किस्मत, कठिन सिलेबस या हालात को दोष देते हैं। लेकिन हम उस सबसे बड़ी ताकत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं जो हमारी हर हार और जीत तय करती है – हमारी संगत।
यह किताब आपको उन कड़वे सवालों का सामना करना सिखाएगी जिनसे आप अब तक भागते रहे हैं।
इस किताब में आप जानेंगे:
• कैसे आपके आस-पास के 5 लोग आपका भविष्य, आपकी सेहत और आपका बैंक बैलेंस तय करते हैं।
• ‘एनर्जी वैम्पायर्स’ कौन होते हैं और उनसे सम्मानपूर्वक दूरी कैसे बनाएं।
• अपने लक्ष्यों (करियर, स्वास्थ्य और मानसिक शांति) के लिए एक शक्तिशाली समूह कैसे बनाएं।
• जब करीबी लोग ही रुकावट बनने लगें, तब अपने फोकस की रक्षा कैसे करें।
यह किताब आपको भीड़ से बाहर निकालकर उस एकांत और अनुशासन की ओर ले जाएगी, जहाँ असली विजेताओं का निर्माण होता है।
अगर आप अपनी पुरानी संगत की सीमाओं को तोड़कर खुद का सबसे बेहतर संस्करण बनना चाहते हैं,तो उसकी शुरुआत आज से ही कीजिए।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book संगत की रंगत(Sangat ki rangat).