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अल्फ़ाज मेरे लंबी कविताओं का संग्रह हैं | जों मैं अपने अल्फ़ाजों से दुनिया तक पहुंचाता हूँ | यह जों मैं अल्फ़ाज कहता हूँ यह अल्फ़ाज दुनिया के ही हैं | यह अल्फ़ाज साधारण से शब्द नहीं किसी की व्यथा हैं | कुछ बाते जों हम साधारण-सा होकर बोल देते हैं | वह शब्द किसी के दिल को चीर जाते हैं | वह घबरा जाता है | उन अल्फ़ायजों से | मैंने उन अल्फ़ाजों को बेराग और बेतुक मिलाएं लिखा हैं | यह अल्फ़ाज उसी तरह लिखा गया हैं | जों एक गरीब और साधारण व्यक्ति कह नहीं पाता हैं | और जों वह कहता हैं | वह बेतुक और बेराग होते हैं | जों हमे कर्कश लगते हैं | इस दुनिया का यह सारा खेल अल्फ़ाजों का हैं | एक अल्फ़ाज जों राग में और टूक में कहा गया हैं | उसे सुनना पसंद किया जाता हैं | मगर वह अल्फ़ाज जों बेराग और बेतुक होकर एक गरीब द्वारा कहा जाता हैं | उन अल्फ़ाजों की कोई अहमियत नहीं | वह अल्फ़ाज एक तमाशा हैं, कुछ प्रेरणा हैं | और अल्फ़ाज हीं बहुत कुछ हैं ....
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