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दो दोस्त। एक पुराना राज़। चालुक्य साम्राज्य के बीचों-बीच समय के खिलाफ़ एक रेस।
मनोज, जो इतिहास का शौकीन है, और अदिति, जो एक तेज़-तर्रार युवा एक्सप्लोरर है और जिसे हर छोटी-छोटी बात पर ध्यान रहता है, बादामी पहुँचते हैं और उन्हें उम्मीद होती है कि वे मशहूर रॉक-कट गुफाओं को डॉक्यूमेंट करते हुए एक शांत वीकेंड बिताएँगे। लेकिन जब अदिति को कई छिपे हुए शिलालेख मिलते हैं—जो आम आँखों को दिखाई नहीं देते—तो उन्हें एहसास होता है कि लाल बलुआ पत्थर की चट्टानें सिर्फ़ कलात्मक सुंदरता से कहीं ज़्यादा हैं।
लिखावट से पता चलता है कि यह एक भूला हुआ खजाना है, लेकिन सोने या जवाहरात का नहीं। यह एक ऐसी खोज है जो इतिहास को फिर से लिख सकती है, और कोई इसे दबाए रखने के लिए जान देने को तैयार है।
हिस्सा
जैसे ही मनोज और अदिति उत्तरी पहाड़ियों की खड़ी चढ़ाई और पुराने शहर की तंग गलियों से गुज़रते हैं, वे खुद को एक अजीब संगठन के शिकार के तौर पर पाते हैं। आम खजाने की खोज करने वालों से अलग, मनोज और अदिति एक खास कसम से चलते हैं: उस जगह की पवित्रता की रक्षा करना।
उन्हें अगस्त्य झील के भूलभुलैया जैसे आस-पास और भूतनाथ मंदिर की परछाइयों से अपने पीछा करने वालों को चकमा देना होगा, ताकि पुराने पत्थरों पर एक भी खरोंच न आए। यह चूहे-बिल्ली का एक बड़ा खेल है जहाँ सबसे बड़ी चुनौती राज़ खोजना नहीं है - बल्कि यह पक्का करना है कि बादामी की शानदार विरासत आज की उथल-पुथल से अछूती और बेदाग रहे।
आपको यह कहानी क्यों पसंद आएगी:
असली जगह: बादामी के खूबसूरत नज़ारों का अनुभव करें, चार बड़ी गुफाओं से लेकर ऊंची चट्टानों तक।
एक "नॉन-डिस्ट्रक्टिव" थ्रिलर: एक अनोखी कहानी जिसमें हीरो इतिहास को बचाने के लिए लड़ते हैं, उसका फायदा उठाने के लिए नहीं।
डायनैमिक जोड़ी: मनोज की समझ और अदिति की टेक्निकल स्किल्स एक ऐसी पार्टनरशिप बनाती हैं जो भरोसे और एक जैसे पैशन पर बनी है।
हाई टेंशन: एक टिक-टिक करती मिस्ट्री जो साबित करती है कि कलम (और कैमरा) तलवार से ज़्यादा ताकतवर हो सकती है।
ऐसी जगह जहां दीवारों के कान होते हैं और पत्थरों की यादें होती हैं, क्या मनोज और अदिति अतीत को भविष्य के लालच से बचा सकते हैं?
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