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-कबिरा खड़ा बजार में मांगे सब की खैर । ना काहू से दोस्ती न काहू से वैर ॥
हम बन्दे है प्रेम के, मांगे सबकी खैर! अपनी सबसे दोस्ती नहीं किसी से वैर !
प्रेरक प्रसंगों का संकलन है । सभी के लाभप्रद होगा। पढ़़ाई के साथ साथ मानसी, नयनसी और सूरज ने सुक्तियों का संकल्न किया उसे आपके लिए प्रस्तुत किया गया है संकलित किया गया है!
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