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मेरे लिए इस कविता के सुनाने के बाद की घटना काफी बड़ी हो गई । उस ट्रेनिंग में मेरे साथ 7 – 8 लोग और बैठे थे जिन पर मैंने ध्यान नहीं दिया था और मेरी कविता के वे भी श्रोता हो गए थे । जैसे ही कविता समाप्त हुई मुझे तालियाँ सुनाई देने लगीं । और जब मैंने चौंक कर देखा तो सभी मेरी इस चार पाँच लाईन पर ताली बजा रहे थे और फिर बोले , सर आपने बहुत सुंदर लिखा है । कहाँ मेरी एक छोटी सी भावना थी कि चलो एक छोटे से बच्चे के लिए कुछ लाईन लिख दें वह भी उसके सुंदर नाम से स्वत: मन में आ गई थीं लेकिन वे लाईनें सुनने वालों को इतनी अच्छी लगेंगी यह मैंने नहीं सोचा था । इतना ही नहीं जिस बच्चे के लिए लिखी हैं उनके पेरेंट्स के मन को भावनात्मक रूप से इस गहराई तक छू लेंगी कि वे अपनी थकान भूल कर इस कविता के लिए कृतज्ञ हो जाएँगे यह भी मैंने नहीं सोचा था । और इसके बाद मुझे आश्चर्य तब हुआ जब सुनने वालों में कुछ लोग बोल उठे सर प्लीज एक मेरे लिए भी लिख दीजिये ।
और मैं हंसा – मैंने कहा अरे भाई वह छोटा बच्चा है और उसके नाम में इतना सौंदर्य है कि स्वत: यह लाईने बन गईं , यह लाईनें आपको इतनी पसंद आयेंगी यह तो मैंने कभी सोचा भी नहीं था । और इसके बाद मुझे कमेन्ट सुनाई पड़ा काश मेरे लिए भी कोई कविता लिखता ।
सच कहूँ तो कल से ही मैं इस छोटी सी बात और घटना से बाहर नहीं आ पाया हूँ और बार बार बस यह सोच रहा हूँ “ क्या कविता इतनी अच्छी होती है ? “
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