You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

वो पहली मुलाक़ात थी...

शेरो-शायरी और कविताओं का अनूठा संग्रह
रचित गुप्ता
Type: Print Book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: ₹199 + shipping
Price: ₹199 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

'वो पहली मुलाक़ात थी…'
शेरो-शायरी और कविताओं का अनूठा संग्रह

“इश्क़ एक हसीन सफ़र है, कभी मिलन की खुशी, तो कभी जुदाई का दर्द।”

'वो पहली मुलाक़ात थी' एक ऐसी ही काव्यात्मक यात्रा है, जहाँ प्रेम के हर रंग को महसूस किया गया है। इन कविताओं में आपको अपनी पहली मोहब्बत की धड़कनें भी मिलेंगी, और टूटे हुए दिल की सिसकियाँ भी। यह किताब महज़ पन्नों का संग्रह नहीं, बल्कि उन्ही जज़्बातों, मीठी यादों और खामोश आँसुओं का संग्रह है।

यह किताब उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी शिद्दत से किसी को चाहा है, जिन्होंने टूटे हुए दिल के टुकड़ों को समेटकर मुस्कुराना सीखा है, और जो जानते हैं कि अधूरी मोहब्बत भी अपने आप में मुकम्मल होती है। यह सिर्फ एक किताब नहीं, आपका हमसफ़र है। इस किताब का हर एक शेर आपके दिल को छू जाएगा, और हर एक कविता आपको अपनी ही दास्तान का हिस्सा लगेगी।

क्या आप तैयार हैं उस सफ़र पर जाने के लिए जहाँ दिल का टूटना भी एक कला है, और प्यार करना भी एक इबादत? इन पन्नों में खुद को तलाशिये, अपने अश्कों को पहचानिये, और शायद, मरहम भी पा लीजिये।

कुछ लफ़्ज़ मिलने की ख़ुशी के लिए, कुछ जुदाई के मलाल के लिए...
यहाँ सब संजोया है, बस आपके अहसास के लिए।

About the Author

रचित गुप्ता एक अनुभवी पेशेवर हैं, जिनके पास मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री है और फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य सेवा, बैंकिंग और डायग्नोस्टिक्स जैसे विभिन्न उद्योगों में लगभग तीन दशकों का अनुभव है।

समसामयिक रोमांस की थीम पर वे पांच किताबें लिख चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे एक सक्रिय ब्लॉगर हैं, जो खेल, पालन-पोषण, यात्रा और आत्म-सहायता जैसे विषयों पर लिखते हैं।जब रचित किसी प्रासंगिक विषय पर ब्लॉगिंग नहीं कर रहे होते या दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानियाँ नहीं लिख रहे होते, तो उन्हें कविता लेखन में समय बिताना अच्छा लगता है।

ये किताब उनके द्वारा लिखी गई उन्ही प्रेम और मानवीय संबंधों के पहलुओं पर की गयी कविताओं का संग्रह है। उनकी कविताएँ सरल भाषा में गहरे भाव व्यक्त करने के लिए जानी जाती हैं। वे मानते हैं कि 'कविता वह पुल है जो दो रूहों को जोड़ता है'।

जब वे लिख़ते नहीं हैं, तो वे पुरानी किताबों और शाम की चाय में सुकून ढूँढते हैं।

Book Details

ISBN: 9789356358225
Publisher: RACHIT GUPTA
Number of Pages: 107
Dimensions: 5"x8"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

वो पहली मुलाक़ात थी...

वो पहली मुलाक़ात थी...

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book वो पहली मुलाक़ात थी....

Other Books in Poetry

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.