You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

प्रकाश की किर्ण Perkash Ki Kiran

Script For Hindi Movieहिन्दी फिल्मी कहानी
रविन्दर राना Ravinder Rana
Type: Print Book
Genre: Romance, Entertainment
Language: English, Hindi
Price: ₹322 + shipping
Price: ₹322 + shipping
Due to enhanced Covid-19 safety measures, the current processing time is 8-10 business days.
Shipping Time Extra

Description

यह कहानी ‘Hindu Mythology’ के इस विश्वास पर आधारित है कि शादी के बन्धन का रिश्ता भगवान ब्रहम्मा स्वर्ग में ही जोड़ कर पती और पत्नी को इस संसार में जन्म देता है। चाहे कितने भी संकट या कितनी भी रुकावटे रास्ते में आएं या फिर कोई कैसा भी यत्न करे इस रिश्ते के बन्धन को तोड़नें का, पर इस रिश्ते के बन्धन का टूटना मुशकिल ही नहीं बल्कि बिलकुल असम्भव है। प्रकाश और किर्ण ऐसे ही भाग्य लेकर इस संसार में जन्म लेते हैं। प्रकाश को university से पास होते ही एक coeducational college में job मिल जाती है। प्रकाश की personality infatuates a teenager girl named किर्ण। किर्ण falls in love with प्रकाश। प्रकाश अपने college और भारतीय समाज के codes of conduct को ध्यान में रखते हुए किर्ण के मासूम प्यार को ignore करता है। परन्तु उसे बहुत शीघ्र अहसास हो जाता है कि उसके teaching staff में कुछ ऐसे भेड़िए हैं जो किर्ण पर बुरी आँख लगाए बैठे हैं जो किर्ण की मासूमियत का नाजाईज़ फाईदा उठानें की ताक में है। इसके इलावा इस नाजुक उमर में लड़कियां हिस्टीरिया और सच्चे प्यार की instict के कारण ऐसे गल्त कदम उठा लेती हैं जिन्हें भारतीय समाज अनुमती नहीं देता। इसलिए प्रकाश उसे उसकी जवानी की नदी में उठते हुए तुफान से बचाने के लिए एक नाविक बन कर उसे बचाकर पार लगाने का फैसला कर लेता है। फिर दोनों के जीवन की नाव मौनसून की ऋतु में बहती हुई नदी (भारतीय समाज की परम्पराओं में से गुजरती हुई भरपूर जवानी) में डगमगाती हुई तैरने लगती है। कहानी बहुत ही मनोरन्जक बन जाती है जब प्रकाश इस उदेश्य को लेकर चलता है। भीना भीना रोमान्स, हँसी मज़ाक के दृष्य, घरेलू तनाब, ईर्षा, द्वेष, संगीत और पार्टीज़, नायक और खलनायक की कश्मकश, मारशल आर्ट से भरपूर फाईटस, हँसना हँसाना, बिछड़ना, रोना रूलाना, रूठना मनाना, साईड हीरोइन की ट्रैजिडी, पोलीस और सी. आई. डी. का रोल, अदालत में मुकद्दमेबाजी, और सस्पैन्स का कलाईमैक्स वगैरा वगैर पाठकों को इस तरह रुझाए रखते हैं कि वो खाने पीने की सुध बुध खो बैठते हैं। अन्त में किर्ण तो प्रकश में समा जाती है परन्तु कविता और प्रकाश की आने वाले जन्म की कहानी का सस्पैन्स पाठकों को अगली किश्त पढ़ने के लिए बेचैन कर देता है।

About the Author

The author is an Indian National living in America. He is an educator and loves writing. He has collection of stories and manuscripts which he shares with his friends in America and abroad among Indian readers. This particular book 'Perkash Ki Kiran' has metaphysical and real episodes of martial art and romance and would entertain the readers to the depth of their appetite for fun reading.

Book Details

Number of Pages: 188
Dimensions: 8.27"x11.69"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

प्रकाश की किर्ण Perkash Ki Kiran

प्रकाश की किर्ण Perkash Ki Kiran

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book प्रकाश की किर्ण Perkash Ki Kiran.

Other Books in Romance, Entertainment

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.