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तेरे नाम की तलाश
भाग-1
लेखिका- रुही अरोड़ा
“तेरे नाम की तलाश” एक ऐसी कहानी है जो प्यार, यादों और दिल के एहसासों को बहुत ही आसान और सच्चे अंदाज़ में सामने लाती है। यह सिर्फ दो लोगों की प्रेम कहानी नहीं है, बल्कि उस एहसास की कहानी है जब किसी खास इंसान का नाम हमारे दिल में बस जाता है।
किताब पढ़ते हुए कई जगह ऐसा लगता है जैसे यह कहानी हमारी अपनी ज़िंदगी से जुड़ी हुई हो। इसके किरदार बहुत रियल और रिलेटेबल लगते हैं, इसलिए उनकी खुशी, दर्द और उलझन सब कुछ दिल तक पहुंचता है।
लेखन की भाषा बहुत सिंपल और फ्लो में है, इसलिए कहानी शुरू करने के बाद उसे बीच में छोड़ने का मन ही नहीं करता। कुछ हिस्से आपको मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं, तो कुछ पल ऐसे भी आते हैं जो थोड़ी देर के लिए आपको सोचने पर मजबूर कर देते हैं।
अगर आपको ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जिनमें प्यार, एहसास और दिल की सच्चाई हो, तो तेरे नाम की तलाश ज़रूर पढ़नी चाहिए।
यह सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि उन एहसासों का सफर है जिन्हें हम अक्सर दिल में छुपाकर रखते हैं। इस किताब को लिखते समय मेरी कोशिश बस इतनी थी कि मैं उन भावनाओं को शब्द दे सकूँ जो प्यार, यादों और रिश्तों में कहीं न कहीं हम सब महसूस करते हैं।
इस कहानी के हर किरदार में थोड़ी-सी सच्चाई, थोड़ी-सी कल्पना और बहुत सारे जज़्बात छुपे हैं। शायद इसलिए यह कहानी आपको कहीं-न-कहीं अपनी-सी लगे।
अगर इस किताब का कोई एक पन्ना भी आपके दिल को छू जाए, आपको किसी अपने की याद दिला दे या आपको मुस्कुराने पर मजबूर कर दे — तो मुझे लगेगा कि मेरी “तलाश” सच में पूरी हो गई।
प्यार और आभार के साथ,
– लेखिका: रुही अरोड़ा
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