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तेरे नाम की तलाश
भाग-1
लेखिका- रुही अरोड़ा
तेरे नाम की तलाश भाग-1 रुही अरोड़ा हमारी ज़िंदगी में जो कुछ भी हो रहा होता है उसके सबसे करीबी गवाह हम खुद होते है। ज़िंदगी में किस्मतों का एक दूसरे से जुड़ना कभी-कभी संजोग तो कभी रहस्यमय दुनियाँ में ले जाता है। हमारे साथ हो रहे हादसों से हम सीखते भी है, और उलझ भी जाते है। ऐसे ही इस कहानी के एक पात्र – अभिनव के साथ हुआ। अभिनव इस कहानी मे एक लेखक हैं। जो मृदुला शहर मे रहता है। एक नाम जो खो गया, और एक दिल जो अब किसी और का है, और एक रहस्य जो हर-पल कई ज़िंदगी को उलट-पुलट कर रहा है। अभिनव- एक युवा लेखक है, जिसे किस्से-कहानियाँ लिखने का शोक है। वह गुमनामी मे जीना पसंद करता है। अभिनव के साथ हुए एक साल पहले के हादसे ने उसकी पूरी ज़िंदगी बदल दी। उसकी यादें धुंधली हो गईं हैं, लेकिन उसकी धड़कनों मे एक अजीब सा एहसास अब भी जीवित है। आरोही- एक लड़की जो सिर्फ एक नाम नहीं है, बल्कि अभिनव के हर अधूरे पल की चाबी है। उसकी मुस्कान, उसकी खामोशी और रहस्य जो उससे जुड़ा है, अभिनव को अपनी तरफ खींचते है। अभिनव की सबसे करीबी दोस्त रिधिमा और डॉक्टर समीर, दोनों ही उसकी ज़िंदगी के रहस्यों मे उलझे हुए हैं- कुछ बचाने के लिए, कुछ छुपाने के लिए। इस कहानी का हर पन्ना हर सुराग एक नई तलाश का दरवाजा खोलता है। सवाल – क्या अभिनव अपनी खोई हुई यादें वापस पा सकेगा? क्या वह जान पाएगा आरोही सिर्फ एक याद नहीं उसकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा राज़ है?
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