Description
यह पुस्तक यह समझाने का प्रयास करती है कि किस प्रकार अश्लील सामग्री का अनियंत्रित उपभोग सामाजिक असंतुलन, लैंगिक भेदभाव, महिलाओं के प्रति अपराध और युवाओं में आक्रामक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देता है। साथ ही, यह पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है कि हम व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से इस समस्या के समाधान में क्या भूमिका निभा सकते हैं।
“अश्लीलता से हिंसा तक” केवल आलोचना नहीं, बल्कि जागरूकता, जिम्मेदारी और सकारात्मक परिवर्तन का आह्वान है—ताकि एक संवेदनशील, सुरक्षित और नैतिक समाज की पुनः स्थापना हो सके।
रोशन कुमार दुबे एक समर्पित शिक्षाविद्, प्रखर लेखक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विचारक हैं, जिन्हें औषधि विज्ञान (फार्मास्यूटिकल साइंसेज़) के क्षेत्र में पाँच वर्षों का समृद्ध शैक्षणिक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वे महत्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में फार्मास्यूटिक्स विभाग में सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) के पद पर कार्यरत हैं।
एक उत्साही शोधकर्ता और बहुआयामी लेखक के रूप में श्री दुबे अब तक 10 से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। उनकी रचनाएँ न केवल वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों तक सीमित हैं, बल्कि सामाजिक चेतना को भी मजबूती प्रदान करती हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों के विषयों में फार्मेसी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence in Pharmacy), थ्री-डायमेंशनल (3D) प्रिंटिंग के अनुप्रयोग, मैग्नेटिक ड्रग डिलीवरी सिस्टम, फार्मास्यूटिकल मार्केटिंग, फार्मेसी कानून एवं नैतिकता, तथा सामाजिक चेतना पर आधारित पुस्तक “भ्रूणहत्या: एक सामाजिक कलंक” शामिल है, जो समाज में जागरूकता और नैतिक विमर्श को प्रोत्साहित करती है।
इसके अतिरिक्त, उनके नाम 25 से अधिक शोध एवं समीक्षा लेख प्रतिष्ठित, उच्च प्रभाव वाले अंतरराष्ट्रीय पीयर-रिव्यू जर्नलों में प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें Arabian Journal of Chemistry एवं Current Nanoscience जैसे प्रसिद्ध जर्नल सम्मिलित हैं। उनकी अकादमिक दक्षता को वैज्ञानिक समुदाय द्वारा व्यापक मान्यता प्राप्त है और वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय जर्नलों के लिए पीयर रिव्यूअर के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षण, शोध, लेखन और सामाजिक उत्तरदायित्व के सशक्त समन्वय के साथ, रोशन कुमार दुबे फार्मास्यूटिक्स एवं समाज दोनों के उत्थान हेतु शिक्षा और नवाचार के माध्यम से निरंतर योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।