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तुम, आ गए?

सम्राट सिंह
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction, Self-Improvement
Language: Hindi
Price: ₹499 + shipping
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Description

“क्या वाकई हम कभी बिछड़े थे? या हम बस एक-दूसरे के भीतर और गहरे धँस गए थे?”

'तुम, आ गए?' कोई साधारण प्रेम कहानी नहीं है। यह उस दबे हुए शून्य की परछाईं है जो प्रायः हमारी सफलताओं और उत्तरदायित्वों के पीछे छिपा रहता है। यह कथा है एक ऐसे व्यक्ति की, जो संसार की दृष्टि में 'सफल' था, 'समझदार' था और 'स्थिर' भी, किंतु उसने स्वयं के प्रति 'ईमानदारी' कहीं खो दी थी। उसके उस सुदृढ़ कवच के भीतर एक ऐसा रिक्तपन था, जिसे उसने वर्षों से कोई नाम नहीं दिया था। हम प्रायः दूसरों के लिए 'उचित' बनते-बनते स्वयं के लिए 'अपरिचित' हो जाते हैं।

यह उपन्यास किसी बड़ी घटना अथवा रोमांच की कथा नहीं है, बल्कि उस मौन की है जो हमारे भीतर सीलन की भाँति जमता रहता है। यह उस मोड़ का वृत्तांत है जहाँ जीवन में कोई आता है लेकिन कुछ बदलने या सुधारने के लिए नहीं, बस साथ बैठने के लिए। जैसे प्रचंड सूर्यताप में अकस्मात कोई शीतल छाया मिल जाए। 'तुम, आ गए?' उन लोगों के लिए है जो अपने होने का अर्थ उन गलियों और स्मृतियों में ढूँढ रहे हैं, जहाँ से उन्हें बहुत पहले आगे धकेल दिया गया था। क्या वास्तव में समय घाव भर देता है, अथवा केवल उन पर स्मृतियों की एक सूक्ष्म परत चढ़ा देता है?

किंतु सत्य की प्रकृति ऐसी है कि वह अधिक समय तक दबा नहीं रहता; वह बस किसी ऐसी आहट की प्रतीक्षा में ठहर जाता है, जो उसे उसकी वास्तविकता का बोध करा सके। जब एक अपरिचित उपस्थिति उसके वर्षों पुराने कवच को भंग करती है, तब उसे आभास होता है कि प्रेम कोई उद्धार या समाधान नहीं, बल्कि एक ऐसी अवस्था है जहाँ मनुष्य कुछ क्षणों के लिए बिना किसी मुखौटे के रह पाता है। क्या वह इस नए, नग्न सच के साथ जी पाएगा? सम्राट सिंह का यह उपन्यास आपके भीतर की उन दरारों को छू लेगा जिन्हें आपने सदैव छिपा कर रखा है।

About the Author

सम्राट सिंह, 28 वर्षीय भारतीय लेखक जैनेन्द्र गौतम का साहित्यिक उपनाम (पेन नेम) है। जैनेन्द्र विश्लेषणात्मक गहराई और गहरे इमोशन के साथ जटिल कहानियाँ पिरोने के लिए जाने जाते हैं। बिहार के पटना में जन्मे और पले-बढ़े जैनेन्द्र की पृष्ठभूमि उनके लेखन को एक अनूठी दिशा देती है। पटना यूनिवर्सिटी में भूविज्ञान (Geology) का बैकग्राउंड और CSIR-CIMFR (काउंसिल ऑफ़ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च — सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ़ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च) में उनका पेशेवर कार्य उनकी कहानी कहने की कला पर गहरा असर डालता है। वह ऐसी जटिल कहानियाँ बनाते हैं जिनमें सस्पेंस, मिस्ट्री, आध्यात्मिकता और गहरी सामाजिक टिप्पणी का मिश्रण होता है, जो मानवीय मन की गहराई को खंगालती हैं।

उनकी साहित्यिक और संगीत की कोशिशें एक ही कलात्मक दृष्टिकोण के दो पहलू हैं। सम्राट सिंह के तौर पर, उन्होंने समीक्षकों द्वारा प्रशंसित 'ए डेथ डे सागा' बनाई, जो चार भागों की एक ऐसी गाथा है जो औपनिवेशिक कलकत्ता (Colonial Calcutta) की पृष्ठभूमि में प्यार, धोखे और गहरे सस्पेंस की कहानी को सामने लाती है। इसके अलावा, उन्होंने 'रैप जेनेसिस (DoDo)' भी लिखी है। यह एक एंथोलॉजी है जो पहचान, मज़बूती और विश्वास जैसे विषयों पर बात करने के लिए रैप और साहित्य को नए तरीके से जोड़ती है।

इसके साथ ही, आर्टिस्ट SXMRXXT के रूप में, वह हिप-हॉप, क्लाउड रैप और ऑल्टरनेटिव R&B के अपने प्रायोगिक मिश्रण से संगीत की सीमाओं को आगे बढ़ाते हैं। उनकी डिस्कोग्राफी एक विकसित होती हुई कहानी बनाती है, जिसमें हर ट्रैक एक भावनात्मक और वैचारिक अध्याय की तरह काम करता है। यह बहुआयामी दृष्टिकोण, जो उनके स्वतंत्र इम्प्रिंट टी.आर.एम.एस. (द रियल मी स्टूडियोज़) के तहत है, एक ऐसे कलाकार को दर्शाता है जो लेखन और संगीत दोनों को दुनिया बनाने के शक्तिशाली तरीकों के रूप में देखते हैं, और दर्शकों को मानवीय अनुभव के नए पहलुओं को एक्सप्लोर करने के लिए प्रेरित करते हैं।

Book Details

ISBN: 9788199611559
Publisher: Samraat Singh
Number of Pages: 324
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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