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आत्मावस्थित भारत अर्थात स्वस्थ भारत

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pachauri67 1 month ago Verified Buyer

बच्चों पर डिजिटल दुष्प्रभाव

लेखक गत 45 वर्ष से अधिक से शिक्षा से जुड़े रहे हैं। यह पुस्तक प्रस्तावना में ही 1 महत्त्वपूर्ण विषय पर गम्भीर चिन्तन दर्शाती चेतावनी देती है जो उद्धृत है
"ऑनलाइन शिक्षा यदि पहली कक्षा से दी जाने लगेगी तो यह भारत के बच्चों के बचपन को छीनने और कुंठित करने का अक्षम्य अपराध होगा ; आज से 15-20 साल बाद ये बच्चे प्रतिशोध से या उम्र से पहले प्रौढ़ होकर परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए अभिशाप सिद्ध होंगे इसमें कोई संदेह नहीं है। "
इसकी महत्ता 11 दिसम्बर 2025, दैनिक जागरण के सम्पादकीय को पढ़ने से स्पष्ट हो जाती है। इसका अंश इस प्रकार है," असमय जवान हो रहा बचपन समाज की प्रचलित मर्यादाओं और परम्पराओं को आहत कर रहा है। "
लेखक ने इससे भी अधिक स्मार्टफोन और ऑनलाइन शिक्षा से बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के कुंठित हो जाने की संभावना जतायी है।