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इस किताब में छोटे छोटे narratives हैं कुछ कवितायेँ हैं। मेरी कई सालों की घुमक्कड़ी, यात्राएँ, देखी हुई चीज़ें, दृश्य, लोग, इस देश के अलग अलग जगहों पे रहना, अलग अलग समाजों में, उनका खानपान, भाषा, कुछ साल अमरीका में टेक्सस में उन जंगलों और हिरणों और खरगोशों और बड़े बड़े विशालकाय वृक्षों के बीच रहने के, फ्लोरिडा में समुन्द्रों के आसपास भटकने के अनुभवों से जो कुछ भी निकल पाया है सब कुछ इस किताब में मौजूद है। कुछ मेरे बचपन से जुड़ी हुई बातें भी हैं मेरा गाँव बैरीपुर, उससे जुड़ी एक लम्बी कविता भी है। साथ मेरे प्रिय लेखकों को भी छोटा छोटा tribute है जैसे विनोद कुमार शुक्ल, उदयन वाजपेयी, जैसे अज्ञेय, जैसे मुक्तिबोध, जैसे बोर्ख़ेस, जैसे काफ़्का।
उम्मीद है इस किताब को आप इत्मीनान से कभी रात में जब आप थक गए हों और चुप चाप अपने स्टडी में एकांत बैठे शूबर्ट का कोई संगीत या जोवाक का कोई क्लासिकल पीस या राग दुर्गा हरी प्रसाद चौरसिया का या देस राग लगा लिया हो आपने तो इस किताब का एक पन्ना ज़रूर पलटियेगा। दिल को अच्छा लगेगा। शुक्रिया।
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