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मां है तो क्या
यह सिर्फ एक प्रश्न नहीं है, यह हर उस भावना का उद्गार है जो एक संतान के मन में अपनी मां के प्रति उमड़ती है। यह पुस्तक मां के "निश्छल प्रेम", "अटूट बलिदान", और "अनमोल उपस्थिति" को समर्पित है।
इस संग्रह में, कवि ने 11 कविताओं के माध्यम से मां के विभिन्न रूपों और जीवन के हर पड़ाव पर उनके महत्व को हृदयस्पर्शी शब्दों में पिरोया है।
पेज संख्या: 36
"कविताओं का संग्रह:"11 कविताएँ
विषय: "मां का प्रेम, ममता, त्याग और जीवन में उनकी भूमिका।"
"क्यों पढ़ें:" अगर आप अपनी मां को याद करते हैं, उनके अहसानों को महसूस करते हैं, या बस **मां की ममता** में डूब जाना चाहते हैं, तो यह काव्य संग्रह आपके लिए एक भावनात्मक यात्रा है। यह हर पाठक को अपनी मां के करीब महसूस कराएगा।
यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है जो 'मां' शब्द में संसार का सबसे बड़ा सुख पाता है। अपनी मां को समर्पित करने के लिए या अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए यह एक "उत्तम भेंट" है।
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