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पुस्तक का नाम: अंतर्द्वंद
भाषा: हिन्दी
विधा: काव्य / चिंतनात्मक साहित्य
विवरण:
अंतर्द्वंद चार कविताओं का एक संग्रह है जो मानव मन के भीतर चलने वाले अदृश्य संघर्षों को स्वर देता है। हर कविता एक अलग आयाम को छूती है—आस्था और अहंकार का द्वंद्व, पिता के त्याग का मौन संवाद, हार की पीड़ा में छिपा आत्मबोध, और युद्ध व शांति के बीच की गूंजती पुकार।
यह संग्रह बाहरी घटनाओं से नहीं, भीतर की हलचल से उपजा है—जहां कवि अपने मन, विश्वास, और जीवन से प्रश्न करता है।
भाषा सरल है, भाव गहरे हैं, और हर पंक्ति पाठक को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।
यह पुस्तक उनके लिए है जो:
काव्य में दर्शन और भावनाओं का संगम खोजते हैं।
पौराणिकता, स्मृति और यथार्थ के बीच से अर्थ निकालना चाहते हैं।
आत्मसंवाद और आंतरिक शांति की यात्रा पर चलना चाहते हैं।
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