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(4 Reviews)

पृथ्वी तनया (eBook)

सीता जी कि मनोस्थिति
Type: e-book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: ₹51
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

बहुत‌ दिनों से इच्छा थी कि सीता जी पर कुछ लिखूं।जब भी रामायण पढ़ती जनक नन्दनी का चरित्र मेरे समक्ष एक प्रश्न बन कर खड़ा हो जाता कि उनके साथ उस युग में ऐसा क्यों हुआ।
अग्नि परीक्षा देने के बाद भी पुरुष समाज ने स्त्री होने का दंड दिया सीता माता को।
उन परिस्थितियों में उनकी मनोस्थिति क्या और कैसी रही होगी इसी को चित्रित करने का एक छोटा सा प्रयास किया है मैंने।

समर्पण
समस्त नारी जाति को समर्पित

About the Author

कवियत्री- ओम लता अखौरी
परिचय
रांची (झारखंड)‌ से
साहित्य में गहरी रुचि,अनेक पत्र पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित, आकाशवाणी रांची से दस बर्षों तक रचनाओं का प्रसारण।प्रकाशन
औघड़ संत भगवान राम के जीवन पर एक खंड काव्य,एक कहानी संग्रह, एक कविता संग्रह।
एक बाल कहानी संग्रह,एक बाल कथा संग्रह प्रकाशित।
एन सी आर टी से कविता पुरस्कृत

ओम लता अखौरी द्वारा लिखित पुस्तकें:
उगते सूरज -बाल कथा संग्रह
चेतना के पुष्प-बाल कथा संग्रह
स्वतंत्रता सेनानियों की अनकही गौरव गाथा
मानव मन

Book Details

Number of Pages: 61
Availability: Available for Download (e-book)

Ratings & Reviews

पृथ्वी तनया

पृथ्वी तनया

(5.00 out of 5)

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4 Customer Reviews

Showing 4 out of 4
Durga879 5 months, 3 weeks ago

Amazing

Very good written, narrated the story amazingly. Pls keep up the writing.

Reena Shrivastava 6 months, 1 week ago

अति उत्तम विवेचन

श्रीमती ओमलता जी ने सीता जी की मनस्थिति का जो मार्मिक विवरण किया है, वह किसी भी स्त्री को क्या, एक साधारण मनुष्य को भी उद्वेलित कर सकता है। अपने सधे और संतुलित शब्दों के उत्तम चयन के द्वारा वह सीता जी की भावना को उकेरने में पूर्णतः सफल हुई हैं। भावनाओं का प्रवाह और मन मस्तिष्क को झकझोर देने वाली यह कविता आज भी प्रासंगिक लगती है। ओमलता जी को कोटि कोटि नमन जिनकी लेखनी इतनी प्रखर और विचार इतने प्रबुद्ध हैं। सादर अभिवादन।

Omlata Akhouri 6 months, 3 weeks ago Verified Buyer

Thought Provoking

ओमलता जी ने इस कविता में सीता जी की मन:स्थिति का बहुत मर्मस्पर्शी चित्रण किया है. आज के समय में भी यह घटना उतनी ही प्रासंगिक है.
कविता मन में अनेक प्रश्न खड़े करती है. बहुत ही अच्छा लेखन

rakhouri 7 months ago

Marvellous and beautiful!

Very beautifully depicted the mental state and emotions of Mother Sita !! Read many times and each time I am mesmerised with the selection of appropriate words and binding of thoughts !! Must read !!

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