“लोकनायक महावीर लोरिक: प्रेम और पराक्रम की अमरगाथा” एक बेहद रोचक और भावनाओं से भरी किताब है जो लोकनायक महावीर लोरिक की वीरता और प्रेम की कहानी को खूबसूरती से सामने लाती है। पढ़ते समय ऐसा लगता है जैसे हम खुद उस दौर में पहुँच गए हों जहाँ साहस, सम्मान और सच्चे प्रेम का बोलबाला था। लेखक ने लोककथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं को इतने सहज तरीके से जोड़ा है कि कहानी दिल को छू जाती है। भाषा सरल और जीवंत है, जिससे हर पाठक आसानी से जुड़ सकता है। यह किताब सिर्फ एक योद्धा की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत, समर्पण और सच्चे प्रेम की मिसाल है — जो इसे पढ़ने लायक बनाती है।
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लोकनायक महावीर लोरिक: प्रेम और पराक्रम की अमरगाथा
“लोकनायक महावीर लोरिक: प्रेम और पराक्रम की अमरगाथा” एक बेहद रोचक और भावनाओं से भरी किताब है जो लोकनायक महावीर लोरिक की वीरता और प्रेम की कहानी को खूबसूरती से सामने लाती है। पढ़ते समय ऐसा लगता है जैसे हम खुद उस दौर में पहुँच गए हों जहाँ साहस, सम्मान और सच्चे प्रेम का बोलबाला था। लेखक ने लोककथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं को इतने सहज तरीके से जोड़ा है कि कहानी दिल को छू जाती है। भाषा सरल और जीवंत है, जिससे हर पाठक आसानी से जुड़ सकता है। यह किताब सिर्फ एक योद्धा की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत, समर्पण और सच्चे प्रेम की मिसाल है — जो इसे पढ़ने लायक बनाती है।