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स्वर्गविभा त्रैमासिक ऑन लाइन पत्रिका मार्च २०२३ (eBook)

मार्च २०२३
Type: e-book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹200
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

स्वर्गविभा वेबसाईट पत्रिका, पिछले 19 सालों से हिंदी को अपनी धमक कायम रखने में, अग्रगामी भूमिका निभाती आ रही ही है| इस अंक के लिए संदेश देते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है| हमेशा की तरह पत्रिका का यह अंक भी समस्त विश्व को, हिंदी प्रेमियों, अनुसन्धानकर्त्ताओं एवं विद्वानों के विविध कहानियों, गज़लों, आलेखों से अवगत कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा|
अनेक लेखकों एवं चिंतकों की रचनाओं को एकत्रित करना, उन्हें अंतिम रूप देकर, पत्रिका के अंकों में सम्मिलित करना, परम्परागत रूप से एक महत्वपूर्ण कार्य रहा| इस वर्ष, किन्हीं कारणवश यह कार्य अपेक्षाकृत बड़ा ही चुनौतीपूर्ण रहा| पर मुझे ख़ुशी है कि बावजूद स्वर्गविभा टीम इस अंक को प्रकाशित करने में सक्षम हुई है| मेरा मानना है कि इस पत्रिका के माध्यम से जगत के सभी विद्वानों, लेखकों, एवं पाठकों को अनेक लेखकों की रचनायें पढ़ने का सुअवसर मिलेगा| तथा इससे ज्ञान का आदान-प्रदान तो होगा ही, इसके साथ हिंदी भाषा के भी प्रचार-प्रसार को विस्तार मिलेगा| भाषा के प्रवाह को गति मिलती रहे, तथा हिंदी जगत व शेष विश्व के बीच यह पत्रिका सेतु का कम करती रहे, यही आशा है|

About the Author

डॉ. तारा सिंह, जाने-माने हिंदी साहित्यकार, एक बहुमुखी लेखक, कवि, लघु कथाकार, उपन्यासकार, गजलकार, फिल्मी गीतकार और निबंध रचनाकार के रूप में प्रसिद्ध हैं| अब तक उनकी 53 पुस्तकें प्रकाशित होकर विश्व-व्यापी ख्याति अर्जित कर चुकी हैं| सामाजिक और पारिवारिक मुद्दों, व्यक्तिगत और सामाजिक विषयों, जीवन के दर्शन और वास्तविकता, जन्म और मृत्यु चक्र, आदि से सम्बंधित इन्होंने अपनी भावनात्मक और विचारशील रचनाओं के लिए व्यापक प्रशंसा प्राप्त की है|
इनकी रचनाएँ हमेशा वास्तविक तथ्यों और व्यक्तियों / परिवार के सदस्यों / दोस्तों के बीच संबंधों के मूल पहलुओं से संबंधित होता है| इस प्रकार, वे न केवल सुखद प्रेम का चित्रण करती है, बल्कि निराशा, विश्वासघात और अव्यवस्था जैसे विषयों पर भी लिखती रही हैं|
ये वर्तमान में www.swargvibha.com (एक प्रमुख हिंदी वेबसाइट) और स्वर्गविभा हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के प्रधान संपादक और प्रशासक के रूप में काम कर रही हैं|
इन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा 257 पुरस्कार / सम्मान / मानदोपाधि / ट्राफी से सम्मानित किया जा चुका है| इनकी रचनाएँ / पुस्तकें अब www.swargvibha.com और www.kukufm.com (ऑडियोबुक के रूप में), Google पुस्तकें, www.amazon.in, www.flipkart.com, इंस्टा पब्लिश, सुमन प्रकाशन, www.pothi.com, सेंट्रल एन्ड स्टेट लाइब्रेरीज़ इन इंडिया और दुनिया भर के 30 अन्य वेबसाइटों पर, दुनिया भर में उपलब्ध हैं| इनकी जीवनी बार्न्स एंड नोबल (यूएसए 2011) द्वारा और रिफासिमेंटो इंटरनेशनल द्वारा “हूज़ हू” 9 बार (2006-2019) और विकिपीडिया में प्रकाशित की गई हैं| इनकी रचनाएँ हमेशा गंभीर विचारों, विषयों, घटनाओं की गति और जीवन के दर्शन से भरी होती हैं|

Book Details

ISBN: 9788195609598
Publisher: Swargvibha Publishing House
Number of Pages: 37
Availability: Available for Download (e-book)

Ratings & Reviews

स्वर्गविभा त्रैमासिक ऑन लाइन पत्रिका मार्च २०२३

स्वर्गविभा त्रैमासिक ऑन लाइन पत्रिका मार्च २०२३

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swargvibha 1 year ago

excellent magazine

A very nice book that is very entertaining. it has a nice set set of articles that keeps the reader glued to the book. Would very much recommend this book to anyone.

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