You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
माहौल एक ऐसे भारत की कहानी है जिसे अक्सर आँकड़ों, फाइलों और सरकारी रिपोर्टों में जगह नहीं मिलती।
फूलपुर—एक छोटा सा कस्बा, जहाँ बिजली सिर्फ रोशनी नहीं है, बल्कि ताकत, राजनीति और रिश्तों का पैमाना है।
जब शुभ त्यागी, एक इंजीनियर से बना सरकारी मीटर रीडर, इस कस्बे में तैनात होता है, तो उसे लगता है कि उसका काम सिर्फ मीटर पढ़ना है। लेकिन जल्दी ही उसे एहसास होता है कि यहाँ हर यूनिट के पीछे एक कहानी है, हर बिल के पीछे एक शिकायत, और हर शिकायत के पीछे एक छुपी हुई सच्चाई।
गुड्डन, जो गाँव की ज़िंदगी को कैमरे में कैद करता है।
रेशमा, जो स्कूल में पढ़ाती है लेकिन माहौल को पढ़ना ज़्यादा अच्छे से जानती है।
सावित्री देवी, जो अफवाहों और यादों की ज़िंदा किताब हैं।
और वो आम लोग—जिनकी आवाज़ कभी रिकॉर्ड नहीं होती, लेकिन जिनकी ज़िंदगी असली है।
माहौल बिजली के तारों में उलझी एक कहानी नहीं, बल्कि उस सामाजिक करंट की पड़ताल है जहाँ
खामोशी भी शोर करती है,
ईमानदारी खतरा बन जाती है,
और याद रखना एक राजनीतिक काम हो जाता है।
यह उपन्यास उन लोगों के लिए है
जो छोटे शहरों की सच्ची कहानियाँ पढ़ना चाहते हैं,
जो सिस्टम के पीछे के इंसानों को समझना चाहते हैं,
और जो जानते हैं कि माहौल कभी यूँ ही नहीं बनता।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book माहौल.