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[08 जनवरी, 2024 भारत के वृन्दावन में श्रील भक्तिमयूख भागवत गोस्वामी महाराज का तिरोभाव-दिवस था। श्रील भक्तिविज्ञान भारती गोस्वामी महाराज द्वारा 19 दिसंबर 2014 और 25 दिसंबर 2016 को उसी तिथि के उपलक्ष में परिवेषित कथा का भावानुवाद निम्नलिखित हैं। संपादकों का योगदान—सामग्री के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए वर्गाकार कोष्ठकों में अतिरिक्त पाठ शामिल किया गया है।] आज विशेष तिथि है। यह श्रील भक्तिमयूख भागवत गोस्वामी महाराज की तिरोभाव तिथि है। श्रील भक्तिभूदेव श्रौति गोस्वामी महाराज से संन्यास लेने से पहले उनका नाम रूपविलास दास था। उनका साहित्यिक योगदान मठ में शामिल होने के बाद, श्रीरूपविलास दास ने संपादकीय विभाग में सेवा की। उन्होंने श्रील प्रभुपाद के तिरोभाव के उपरांत श्रील प्रभुपाद के ‘उपदेशामृत—प्रश्न और उत्तर’ को दो खंडों में संपादित और प्रकाशित किया। इस पुस्तक को पढ़ने से हर व्यक्ति को अपने सभी [भक्ति-संबंधी] प्रश्नों के उत्तर मिल जाएंगे।
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