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आत्मावस्थित भारत अर्थात स्वस्थ भारत (eBook)

Type: e-book
Genre: Medicine & Science, Social Science
Language: Hindi
Price: ₹100
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

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Description

पुस्तक में कोविड-१९ वैश्विक महामारी के विभिन्न पक्षों की गहन विवेचना की गयी है : निष्कर्ष है कि यह राजनैतिक कुटिलता एवं असीमित लोभ की व्यावसायिकता का दुष्परिणाम है । भारत के सन्दर्भ में ईस्ट इंडिया कंपनी से आरम्भ आर्थिक और बौद्धिक गुलामी का दौर आज तक जारी है : डिजिटल इंडिया , आत्मनिर्भर भारत अभियान , तथाकथित कृषि सुधारों के लिए ५ जून , २०२० को लाये अध्यादेश इसी की निरंतरता हैं । कोरोना महामारी ने भारत में व्याप्त पाखंड को उजागर किया है । आत्मानुभूति अथवा स्व की स्मृति भारत के लिए अभीष्ट है जो व्यक्ति से लेकर समाज के हर क्षेत्र में क्रान्तिकारी परिवर्तन से ही संभव है - यह पुस्तक का मुख्य सन्देश है । अंतिम अध्याय में ऊर्जा आधारित आधुनिक विकास के स्थान पर एन्ट्रापी और एक्शन आधारित विकास की क्रांतिकारी अवधारणा दी गयी है ।

पुस्तक के अंदर से : "पाखंड में अंदरूनी शक्ति नहीं होती , सत्यनिष्ठा से दी गयी एक चुनौती भी पाखंड को क्षणमात्र में ढहा देती है । -- क्रांति परास्त नहीं होती , क्रांतिकारी क्लांत नहीं होता । असत्य से सत्य की और चलना ही क्रान्ति है ।"

About the Author

S C TIWARI is a Visiting Professor (Physics) at BHU, Varanasi. He has published two books at lulu.com and one book at Rinton Press (http://www.rintonpress.com/books/tiwari.html). He has self-published a book on Higher Education in India: Experiences and Insights (2010). He has PhD degree, born on 24 August, 1952.

लेखक का जन्म २४ अगस्त , १९५२ को निमोदा , राजस्थान में हुआ । लगभग पूरी औपचारिक शिक्षा राजस्थान में ही हुई ; केवल १ वर्ष का डिप्लोमा इन एडवांस्ड फिजिक्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ फिजिक्स , भुबनेश्वर से किया । पीएचडी के लिए शोध कार्य सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट , पिलानी में किया । अगस्त , १९८० से आज तक औपचारिक / अनौपचारिक रूप से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से जुड़ा हूँ ।

Book Details

Number of Pages: 121
Availability: Available for Download (e-book)

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आत्मावस्थित भारत अर्थात स्वस्थ भारत

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