You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
प्रस्तावना: क्या आपका सुख 'नेटवर्क' के बाहर है?
आज की दुनिया में हमारे पास सब कुछ 'स्मार्ट' है—स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट होम। लेकिन क्या हम 'स्मार्टली' खुश हैं?
हम दिन भर स्क्रीन पर दूसरों की 'फिल्टर्ड' खुशियाँ देखते हैं और अपनी असल जिंदगी की तुलना उनसे करने लगते हैं। नोटिफिकेशन की आवाज़ हमें बेचैन कर देती है और 'लाइक' की गिनती हमारी मुस्कान तय करने लगी है। तकनीक, जिसे हमारे जीवन को आसान बनाने के लिए बनाया गया था, अक्सर हमारे तनाव का सबसे बड़ा कारण बन गई है।
"खुश रहने का डिजिटल फार्मूला" कोई भारी-भरकम दार्शनिक किताब नहीं है। यह एक व्यावहारिक गाइड है जो आपको सिखाएगी कि:
डिजिटल शोर (Digital Noise) के बीच मानसिक शांति कैसे पाएं।
गैजेट्स का इस्तेमाल गुलाम की तरह नहीं, बल्कि मालिक की तरह कैसे करें।
प्राचीन ध्यान (Meditation) और आधुनिक तकनीक (Quantum Science) के बीच संतुलन कैसे बिठाएं।
इस किताब के हर अध्याय में आपको वह 'कोड' मिलेगा जिसे क्रैक करके आप अपने जीवन के 'हैप्पीनेस सॉफ्टवेयर' को अपडेट कर पाएंगे। तो चलिए, इस डिजिटल युग में अपनी मुस्कान को फिर से 'इंस्टॉल' करने का सफर शुरू करते हैं
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book खुश रहने का डिजिटल फॉर्मूला.