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राम, रावण और सार्वभौम एकात्म (eBook)

Type: e-book
Genre: Politics & Society, Religion & Spirituality
Language: Hindi
Price: ₹200
Description of "राम, रावण और सार्वभौम एकात्म"

विषय- सूची

लेखक/शास्त्राकार
शास्त्र
वेदव्यास
लेखकों/शास्त्राकारों के आदि पुरूष प्रतीक व्यास
वेदव्यास शास्त्र लेखन कला

भाग-1 : रामायण

चौबीसवें व्यास - भृगुवंशी ऋक्ष : वाल्मीकि
रामायण
रामायण की सीख
रामायण का रचनाकाल
रामायण की विश्व यात्रा
वर्तमान समय में भारत में रामायण
रामायण द्वारा प्रेरित अन्य साहित्यिक महाकाव्य

भाग-2 : राम

सातवां अवतार : श्रीराम अवतार
श्रीरामचंद्र की वाणी
श्री राम जन्मभूमि
मुंगेर - राम का जन्म स्थान

भाग-3 : रावण
रावण

भाग-4 : लव और कुश

लव और कुश (त्रेता युग)
लव कुश द्वारा प्रस्तुत रामायण
“लव कुश” नाम की स्थिति
लव कुश पर आधारित निर्मित सिनेमा
लव-कुश जन्म भूमि

भाग-5 : सार्वभौम एकात्म
सांख्य दर्शन
धर्म विज्ञान (स्वामी विवेकानन्द)
आत्मा और विश्वात्मा
1. रज मन
2. तम मन
3. सत्व मन
क. निवृत्ति मार्गी
ख. प्रवृत्ति मार्गी
अवतारी मन
विकासवाद
अवतारवाद
स्वामी विवेकानन्द
स्वामी विवेकानन्द की वाणीयाँ जो सत्य हुईं - व्यक्तिगत जीवन के सम्बन्ध में
स्वामी विवेकानन्द की वाणीयाँ जो सत्य हुईं - सामाजिक जीवन के सम्बन्ध में
विश्वमानव : “वेदान्त की व्यावहारिकता”, “विश्वधर्म” और दर्शन
श्रीकृष्ण
बुड्ढा कृष्ण : कृष्ण का भाग-दो और अन्तिम
रावण
भोगेश्वर : रावण का भाग-दो और अन्तिम

भाग-6 : लव कुश सिंह “विश्वमानव

सार्वभौम सत्य-सिद्धान्त अनुसार “रामायण”
ऋषि और लव कुश सिंह “विश्वमानव”
विद्रोही या सार्वजनिक प्रमाणित कृष्णकला समाहित विश्वमानव कला
जन्म
लव कुश सिंह “विश्वमानव”
समाज रचना और व्यापार का आधार
सृष्टि, ईश्वरीय समाज और व्यापार
विश्व सरकार के लिए पुन: भारत द्वारा शून्य आधारित अन्तिम आविष्कार
सार्वभौम सत्य-सिद्धान्त के अनुसार काल, युग बोध एवं अवतार
“सम्पूर्ण मानक” का विकास भारतीय आध्यात्म-दर्शन का मूल और अन्तिम लक्ष्य

भाग-7 : पाँचवाँयुग : सत्ययुग/स्वर्णयुग

सन् 2015 ई0 - सन् 2019 ई0
वर्ष 2020 ई0 में खगोलिय घटना : 6 ग्रहण (4 चंद्र ग्रहण, 2 सूर्य ग्रहण)
वर्ष 2020 ई0 में प्राकृतिक घटना : कोरोना (COVID-19) वायरस से वैश्विक महामारी
वर्ष 2020 ई0 : सार्वभौम एकात्मता-मानवता का सन्देश
वर्ष 2020 ई0 का खगोलिय सन्देश
वर्ष 2020 ई0 का प्राकृतिक सन्देश
वर्ष 2020 ई0 का सार्वभौम सन्देश
वर्ष 2020 ई0 का अवतारी सन्देश

भाग-8 : समष्टि धर्म दृष्टि

अनिर्वचनीय कल्कि महाअवतार भोगेश्वर श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” का मानवों के नाम खुला चुनौती पत्र

अनिर्वचनीय कल्कि महाअवतार का काशी-सत्यकाशी क्षेत्र से विश्व शान्ति का अन्तिम सत्य-सन्देश

About the author(s)

कल्कि महाअवतार के रूप में स्वयं को प्रकट करते श्री लव कुश सिंह “विश्वमानव” द्वारा प्रकटीकृत ज्ञान-कर्मज्ञान न तो किसी के मार्गदर्शन से है और न ही शैक्षिक विषय के रूप में उनका विषय रहा है। न तो वे किसी पद पर कभी सेवारत रहे, न ही किसी राजनीतिक-धार्मिक संस्था के सदस्य रहे। एक नागरिक का अपने विश्व-राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य के वे सर्वोच्च उदाहरण हैं। साथ ही राष्ट्रीय बौद्धिक क्षमता के प्रतीक हैं।

Book Details
Number of Pages: 245
Availability: Available for Download (e-book)
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