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शीर्षक: माँ-बाप: खुशियों का शगुन
किताब के बारे में:
"माँ-बाप" मात्र एक शब्द नहीं, बल्कि वह पूरी कायनात है जिसमें हमारा अस्तित्व समाया होता है। यह किताब एक भावुक भेंट है उन माता-पिता के चरणों में, जिन्होंने अपनी खुशियों को त्यागकर हमें मुस्कुराना सिखाया। इस संग्रह में आपको माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम, उनके संघर्ष और उनके प्रति हमारी कृतज्ञता की गहरी झलक मिलेगी।
यह किताब हर उस पाठक के लिए है जो:
अपने माता-पिता के प्रति अपने प्रेम को शब्दों में ढूंढ रहा है।
रिश्तों की अहमियत और परिवार के मूल्यों को समझना चाहता है।
जीवन की भागदौड़ में उन जड़ों को याद करना चाहता है जहाँ से उसे संस्कार मिले।
यह केवल पन्नों का संग्रह नहीं, बल्कि हर दिल की वह पुकार है जो अपने माता-पिता को 'शुक्रिया' कहना चाहता है। एक ऐसी किताब जिसे आप अपने परिवार के साथ पढ़ना चाहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को उपहार में देना चाहेंगे।
लेखक के बारे में:
परवीन सैनी एक संवेदनशील लेखक हैं जो जीवन के सरल अनुभवों को अपनी लेखनी के माध्यम से जीवंत कर देते हैं। उनकी कहानियों और कविताओं में रिश्तों की गर्माहट और समाज के प्रति एक गहरा दृष्टिकोण झलकता है।
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