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आज का डिजिटल युग, जो हमें ज्ञान और जुड़ाव का वादा करता है, वास्तव में एक ऐसा जाल बुन रहा है जहां अश्लीलता, विकृति और शोषण की छायाएं हर कोने में फैली हुई हैं। यह किताब, "डिजिटल अंधेरा: भारत की आत्मा पर हमला", इसी अंधेरे की पड़ताल है। यह एक ऐसी पड़ताल थी जो मेरी रातों की नींद हराम कर गई, और अब मैं चाहती हूं कि आप भी इस सच्चाई से रू-ब-रू हों। अगर आप अभी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियों मे एक ऐसी विकृति निर्माण होगी जो रावण और दुर्योधन की वृत्ती से भी आगे होगी। एक तरह का असुर युग पूरी मानव जाती को खा जाएगा जिसमे लड़कियों के साथ ही लड़के भी असुरक्षित हो जाएंगे।
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