You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
ब्रह्म चेतन वह सार्वभौमिक, निराकार और सर्वव्यापी चेतना है जो सृष्टि के प्रत्येक तत्त्व में व्याप्त है। यह न केवल जीवन का आधार है, बल्कि समस्त प्रकृति, तत्व और जीवित प्राणी इसकी अभिव्यक्ति हैं। ब्रह्म चेतन का स्वरूप निरूपण योग्य नहीं है, क्योंकि यह केवल अनुभव और अनुभूति के माध्यम से ही समझा जा सकता है।
मुख्य विशेषताएँ:
1. सर्वव्यापी चेतना: ब्रह्म चेतन हर जगह विद्यमान है—सृष्टि के सूक्ष्म से लेकर व्यापक तक।
2. सृजनात्मक शक्ति: यह चेतना ही तत्वों के संयोग और विभाजन से सृष्टि की रचना करती है।
3. अनंत और अमूर्त: इसे किसी रूप, समय या सीमा में बाँधा नहीं जा सकता।
4. अनुभव द्वारा ज्ञात: प्रत्यक्ष ज्ञान या अनुभूति के माध्यम से ही इसका साक्षात्कार संभव है।
5. संपूर्णता और एकता: ब्रह्म चेतन सभी जीव और तत्वों में समान रूप से व्याप्त है, इसलिए यह सबको जोड़ती है और एकता का अनुभव कराती है।
दार्शनिक दृष्टि:
ब्रह्म चेतन केवल अस्तित्व का परिचायक नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, आत्मा और तत्वों के गूढ़ संबंधों का स्रोत भी है। प्रत्येक तत्व, चाहे वह भौतिक हो या मानसिक, इस चेतना से प्रकट होता है और इसमें विलीन होता है।
अनुप्रयोग और महत्व:
व्यक्ति अपनी चेतना को ब्रह्म चेतन के साथ जोड़कर आत्मज्ञान प्राप्त कर सकता है।
यह ध्यान, साधना और दर्शन के माध्यम से अनुभव किया जा सकता है।
ब्रह्म चेतन का साक्षात्कार जीवन के हर कर्म और निर्णय में संतुलन और गहराई लाता है।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book ब्रंभ चेतन.