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Part – 1: प्यार ही बदले की आग

“एक प्यार जिसने अन्याय के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया”
OM KRISHNA
Type: Print Book
Genre: Romance, Politics & Society
Language: Hindi
Price: ₹439 + shipping
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Description

भाग 1: प्यार ही बदले की आग – पुस्तक विवरण

“प्यार ही बदले की आग” जुनून, न्याय और सत्य की अडिग खोज की एक रोमांचक कहानी है। आधुनिक भारत के व्यस्त शहरी परिवेश में स्थापित यह कहानी पाठकों को डॉ. ओम कृष्णा से परिचित कराती है—एक प्रतिभाशाली और सिद्धांतवादी शोधकर्ता, जिसकी ज़िंदगी धोखे, विश्वासघात और उसके पिता प्रोफेसर राघव कृष्णा की दुखद मृत्यु से पूरी तरह बदल जाती है। ओम की दुनिया, जो कभी तर्क और बौद्धिक अनुशासन से परिभाषित थी, तब क्रोध से भर जाती है जब शक्तिशाली लोगों की कुटिल साज़िशें उस व्यक्ति का जीवन नष्ट कर देती हैं जिसे वह सबसे अधिक सम्मान देता था।

कहानी की शुरुआत एक चौंकाने वाले खुलासे से होती है—एक झूठी रिपोर्ट से, जिसने प्रोफेसर कृष्णा की प्रतिष्ठा को नष्ट कर दिया। यह षड्यंत्र चालाक और निर्दयी विक्रम सूद द्वारा रचा गया था। जैसे ही ओम इस क्रूर सच्चाई को जानता है, वह हेरफेर और भ्रष्टाचार के एक खतरनाक खेल में खिंचता चला जाता है, जहाँ न्याय और प्रतिशोध के बीच की सीमाएँ धुंधली होने लगती हैं। यह कहानी एक बेटे की भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाती है जो अपने पिता की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करना चाहता है, लेकिन साथ ही यह मानव की कमजोरी की भी कहानी है—जहाँ शोक, क्रोध और प्रेम मिलकर असाधारण साहस को जन्म देते हैं।

इसी उभरते नाटक के बीच डॉ. तनिशा मेहरा, एक प्रसिद्ध डॉक्टर की बेटी, ओम के जीवन में प्रवेश करती है। शुरुआत में उनका संबंध केवल एक साझा त्रासदी और सत्य की खोज से जुड़ा होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता विश्वास और पारस्परिक सम्मान से बढ़कर गहरे और स्थायी प्रेम में बदल जाता है। तनिशा केवल एक साथी नहीं बल्कि ओम की शक्ति का आधार बन जाती है, जब वह राजनीतिक साज़िशों, कॉर्पोरेट लालच और आपराधिक षड्यंत्रों की जटिल दुनिया से गुजरता है। साथ मिलकर वे उन चुनौतियों का सामना करते हैं जो उनके बुद्धि, नैतिकता और भावनात्मक धैर्य की परीक्षा लेती हैं, और यह दिखाती हैं कि अराजकता के बीच भी प्रेम किस प्रकार परिवर्तनकारी शक्ति बन सकता है।

भाग 1 में तीव्र रोमांच और गहरी भावनात्मकता का अद्भुत संगम है। अस्पताल के गलियारों में गूँजती भय और अनिश्चितता से लेकर शहर की सत्ता के अंधेरे गलियारों तक, कहानी लगातार रोमांच और तनाव बनाए रखती है। यह कथा न्याय, नैतिकता और बदले की कीमत जैसे विषयों की पड़ताल करती है, और यह प्रश्न उठाती है कि क्या प्रतिशोध कभी आत्मा को सच में संतुष्ट कर सकता है, या फिर प्रेम ही उपचार और मुक्ति की कुंजी है।

इस कहानी की विशेषता यह है कि यह नायक के आंतरिक संघर्ष को उसके बाहरी संघर्षों के साथ समानांतर रूप से प्रस्तुत करती है। ओम की सूक्ष्म योजना, साहसी कदम और नैतिक दुविधाएँ एक ऐसे मन को प्रकट करती हैं जो एक ओर विश्लेषणात्मक है और दूसरी ओर गहराई से मानवीय भी। पाठक उसकी यात्रा को देखते हैं—एक शोकग्रस्त पुत्र से उस व्यक्ति तक जो भ्रष्टाचार का सामना करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, और साथ ही उन लोगों की रक्षा करता है जिन्हें वह प्रेम करता है। यह कथा इस बात पर ज़ोर देती है कि सच्चा साहस केवल अन्याय के खिलाफ खड़े होने में ही नहीं, बल्कि प्रेम और आशा को मार्गदर्शक शक्ति के रूप में स्वीकार करने में भी है।

समृद्ध पात्रों, जटिल कथानक और रोमांच व प्रेम के संतुलित मिश्रण के साथ “प्यार ही बदले की आग” एक ऐसी कहानी प्रस्तुत करती है जो जितनी रोमांचक है उतनी ही भावनात्मक रूप से प्रभावशाली भी। यह पाठकों को विश्वासघात के परिणामों, बदले के मोहक आकर्षण और प्रेम की उपचारात्मक शक्ति पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। कहानी दिल दहला देने वाले टकरावों और कोमल, अंतरंग क्षणों के बीच संतुलन बनाती है, जिससे कथा निरंतर आगे बढ़ती रहती है।

मूल रूप से, भाग 1 केवल प्रतिशोध की कहानी नहीं है; यह मानव धैर्य, प्रेम की स्थायी शक्ति और असंभव प्रतीत होने वाली परिस्थितियों में भी न्याय की खोज करने के साहस का अन्वेषण है। ओम और तनिशा की यात्रा हमें याद दिलाती है कि सबसे अंधेरे क्षणों में भी प्रेम एक ऐसी अग्नि जगा सकता है जो अन्याय का सामना करने और मुक्ति की ओर मार्ग प्रकाशित करने की शक्ति रखती है।

About the Author

लेखक परिचय – ओम कृष्णा

ओम कृष्णा समकालीन हिंदी साहित्य के उभरते हुए लेखकों में से एक हैं, जिनकी लेखन शैली में गहरी संवेदनशीलता, सामाजिक यथार्थ और रोमांचक कथानक का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उनके लेखन का केंद्र मानव जीवन की जटिल भावनाएँ, न्याय की खोज, सत्ता की संरचनाएँ और समाज में छिपे संघर्ष हैं। वे ऐसी कहानियाँ रचते हैं जो केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पाठकों को सोचने, प्रश्न करने और समाज की वास्तविकताओं को समझने के लिए प्रेरित करती हैं।

ओम कृष्णा का मानना है कि साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं होता, बल्कि वह समाज के अनुभवों, संघर्षों और आशाओं का दर्पण होता है। इसी विचार के साथ उन्होंने अपने उपन्यासों में प्रेम, अन्याय, प्रतिशोध, नैतिकता और मानवीय साहस जैसे विषयों को गहराई से प्रस्तुत किया है। उनकी कहानियों में पात्र केवल काल्पनिक चरित्र नहीं होते, बल्कि वे उस समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं जहाँ हर व्यक्ति अपने संघर्ष, सपनों और मूल्यों के साथ जीवन जीता है।

उनकी प्रसिद्ध श्रृंखला “प्यार ही बदले की आग” इसी विचार का परिणाम है। इस श्रृंखला में उन्होंने एक ऐसी कहानी प्रस्तुत की है जहाँ एक व्यक्ति का व्यक्तिगत दर्द और अन्याय के खिलाफ संघर्ष धीरे-धीरे एक बड़े सामाजिक और नैतिक प्रश्न में बदल जाता है। इस श्रृंखला के पहले भाग में उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की है कि किस प्रकार प्रेम और प्रतिशोध एक साथ मनुष्य के जीवन को प्रभावित करते हैं, और कैसे एक व्यक्ति अपने प्रियजनों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हुए खुद को भी खोजने की यात्रा पर निकल पड़ता है।

ओम कृष्णा को समाज, राजनीति, नीतियों और शक्ति संरचनाओं के अध्ययन में विशेष रुचि है। यही कारण है कि उनके लेखन में केवल भावनात्मक कथा नहीं, बल्कि सामाजिक और बौद्धिक गहराई भी दिखाई देती है। वे मानते हैं कि आधुनिक समाज में सत्य और न्याय की लड़ाई अक्सर कठिन होती है, लेकिन मानव के भीतर मौजूद प्रेम, साहस और विश्वास ही वह शक्ति है जो उसे आगे बढ़ने का साहस देती है।

उनकी लेखन शैली में रोमांच, रहस्य और भावनात्मक गहराई का संतुलित मिश्रण मिलता है। वे पाठकों को ऐसी दुनिया में ले जाते हैं जहाँ हर मोड़ पर रहस्य है, हर निर्णय का परिणाम है, और हर पात्र अपने भीतर एक कहानी लिए हुए है। उनके उपन्यासों में कथा की गति, भावनात्मक संघर्ष और विचारशीलता का ऐसा संतुलन दिखाई देता है जो पाठकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखता है।

ओम कृष्णा का उद्देश्य केवल एक लेखक के रूप में कहानियाँ लिखना नहीं है, बल्कि ऐसी कथाएँ प्रस्तुत करना है जो पाठकों के मन और विचारों पर गहरा प्रभाव छोड़ें। वे चाहते हैं कि उनके पाठक उनकी कहानियों में केवल रोमांच ही नहीं, बल्कि जीवन के गहरे प्रश्नों और मानवीय मूल्यों की झलक भी देखें।

अपने लेखन के माध्यम से ओम कृष्णा एक ऐसी साहित्यिक यात्रा का निर्माण कर रहे हैं जिसमें प्रेम, न्याय और साहस हमेशा केंद्र में रहते हैं। उनकी कहानियाँ यह संदेश देती हैं कि चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और प्रेम की शक्ति अंततः अंधकार को चुनौती देने का साहस रखती है।

Book Details

Publisher: RP&GS RESEARCH PUBLICATIONS
Number of Pages: 101
Dimensions: 5.50"x10.10"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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