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ध्यान ही पर्याप्त है

एक ऐसी दुनिया में जहाँ ध्यान बिखराने के लिए सब कुछ बना है, बिना ज़ोर लगाए फोकस, अनुशासन और गहराई वापस पाने की कला
PANKAJ KUMAR
Type: Print Book
Genre: Self-Improvement, Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹193 + shipping
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Description

आज की दुनिया में ध्यान की कमी किसी व्यक्तिगत कमजोरी का संकेत नहीं है।
यह उस वातावरण की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है, जो लगातार हमें विचलित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ध्यान ही पर्याप्त है एक शांत, व्यावहारिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है
जो आपको यह समझने में मदद करती है कि
आपका फोकस क्यों टूटता है,
इच्छाशक्ति क्यों थक जाती है,
और अनुशासन क्यों भारी लगने लगता है।

यह पुस्तक आपको ज़बरदस्ती बदलने की कोशिश नहीं करती।
यह आपको अपने दिमाग के साथ सहयोग करना सिखाती है।

इस पुस्तक में आप जानेंगे:

• क्यों ध्यान टूटना आपकी गलती नहीं है
• कैसे आधुनिक तकनीक और सूचना-बाढ़ ध्यान को खंडित करती है
• इच्छाशक्ति पर निर्भर हुए बिना अनुशासन कैसे बनाया जाए
• बिना डिजिटल डिटॉक्स या कठोर नियमों के फोकस कैसे लौटे
• गहराई से पढ़ना, सोचना और रचना फिर से कैसे संभव हो
• तकनीक के साथ एक शांत और संतुलित संबंध कैसे बनाया जाए

यह पुस्तक उत्पादकता बढ़ाने के लिए नहीं,
बल्कि मन को फिर से रहने योग्य बनाने के लिए लिखी गई है।

अगर आप:

• पढ़ते समय ध्यान खो देते हैं
• काम शुरू करने में कठिनाई महसूस करते हैं
• लगातार थके हुए लेकिन असंतुष्ट रहते हैं
• भीतर से अधिक शांति और स्पष्टता चाहते हैं

तो यह पुस्तक आपके लिए है।

ध्यान को ज़ोर से वापस नहीं लाया जाता।
उसे सुरक्षा, समझ और कोमल निरंतरता से लौटाया जाता है।

About the Author

पंकज कुमार एक प्रौद्योगिकी पेशेवर हैं, जिनके पास मास्टर डिग्री है और ऑटोमेशन, सिस्टम्स डिज़ाइन तथा आधुनिक इंजीनियरिंग प्रथाओं में सुदृढ़ अकादमिक आधार है। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता, पुस्तकों, मनोविज्ञान और मानव व्यवहार के प्रति गहरी रुचि के साथ मिलकर, उनके लेखन को वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि और सहज, संबंधित सरलता का अनोखा संयोजन देती है।

वर्षों के दौरान उन्होंने उत्पादकता से लेकर दर्शन और व्यक्तिगत विकास तक के विस्तृत साहित्य का अध्ययन किया है, जिसने आज के डिजिटल संसार में मन के काम करने के तरीकों को समझने में उनकी दृष्टि को आकार दिया है। पढ़ने का सोच, फोकस, रचनात्मकता और भावनात्मक कल्याण पर क्या प्रभाव पड़ता है इसी जिज्ञासा ने उन्हें Wired Mind, Silent Pages लिखने के लिए प्रेरित किया।

पंकज का मानना है कि पुस्तकें केवल जानकारी के स्रोत नहीं होतीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन के शक्तिशाली साधन होती हैं। अपने कार्य के माध्यम से वे पाठकों को गहरी सोच से फिर जुड़ने, अपने ध्यान को वापस पाने, और तेज़ रफ़्तार युग में तकनीक के साथ एक अधिक स्वस्थ संबंध बनाने में मदद करना चाहते हैं।

Book Details

Number of Pages: 119
Dimensions: 5.50"x8.50"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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