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शीर्षक: राही के सतरंगी अहसास
लेखक: राकेश नामा 'राही'
विवरण:
'राही के सतरंगी अहसास' भावनाओं के उस इंद्रधनुष की तरह है, जिसमें जीवन के हर रंग को बड़ी आत्मीयता से पिरोया गया है। यह कविता संग्रह पाठक को एक ऐसी यात्रा पर ले जाता है जहाँ 'प्रेम' की कोमलता है, तो 'अध्यात्म' की गहराई भी। लेखक ने अपनी लेखनी के माध्यम से जहाँ एक ओर 'प्रकृति' के मनोरम दृश्यों को जीवंत किया है, वहीं दूसरी ओर 'व्यंग्य' के तीखे बाणों से सामाजिक विसंगतियों पर प्रहार भी किया है।
इस पुस्तक में जीवन के 'संघर्ष' और उससे उपजी जिजीविषा की गूँज है। यह मात्र शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि एक राही के वे अनुभव हैं जो पाठक के हृदय में उतरकर उसे स्वयं के अंतर्मन से साक्षात्कार कराते हैं। यदि आप प्रेम, प्रकृति और जीवन के विविध आयामों को एक नए दृष्टिकोण से देखना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक अनूठा उपहार है।
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