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Hallaur 'Itihaas ke Ayine Me'

Hallaur "In The Mirror of History"
Syed Sultan Ahmad Rizvi
Type: Print Book
Genre: Politics & Society, History
Language: Hindi
Price: ₹499 + shipping
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Description

हल्लौर! रिज़वीया सादात के, 410 वर्ष पुराने एक क़स्बे का नाम हैं, जो पूर्व में थारुओं का गढ़ हुआ करता था और तब यह हिलोरा के नाम से जाना जाता था. हल्लौर वास्तव में एक अलग ही दुनिया हैं, जहाँ की संस्कृति, बोली, रहन - सहन और आबादी से अब जुड़ चुकी आबादियों में कहीं भी देखने का मौका नहीं मिल सका. बचपन से ही जहाँ पर पढाई के प्रति रुझान पाया जाता है, इससे इतर जहाँ सबमे सांस्कृतिक विरासत कूट कूट कर भरी हुई है.

मैंने इस कसबे के लोगों में लालित्य प्रेम, साहित्य के प्रति रुझान, कला के प्रति दीवानापन, तथा प्रत्येक विधा के प्रति निपुणता पाई, कि सोंचना पड़ गया, इसे एक पुस्तक में किस प्रकार सहेज सकूँगा! मेरे लिए यह एक चुनौती समान था. काफी सोचने और समझने के बाद मैंने यह निर्णय लिया कि पुस्तक को अध्याय में बाँटा जाए. इस प्रकार कुल 50...

About the Author

हिंदी नाट्य लेखन, गीत लेखन, व फिल्म पटकथा - संवाद लेखन अभिनय व निर्देशन कुल 80 पूर्णकालिक, लघुनाटक व रेडियो नाटक, 1300 गीत एवं 70 भजन लेखन, वापसी, सुख का सूरज, बड़े मियां दीवाने, कब्बो आर कब्बो पार, कजरी शीर्षक से फिल्म कथा, पटकथा, संवाद एवं गीत लेखन. घमछैयाँ नमक टेलीफिल्म का लेखन जिसे दूरदर्शन पे प्रसारित किया गया. स्वम लिखे गए 66 नाटको का निर्देशन अन्य लेखको के चार नाटको में अभिनय स्वम के निर्देशन में 14 नाटको में अभिनय तथा आकाशवाणी के लिए बाल गीत का लेखन कार्य.

और भी दर्द है सीने में मोहब्बत के सिवा! नाटकों का लेखन इसी शेर के मिसरे पे आधारित रखा. समाज में फैली कुरीतियों, जीवन संघर्ष, अधिकारों की प्राप्ति, के लिए बुलंद होती आवाज़, यही अधिकतर नाटको का मूल विषय रहा.

पूर्वउत्तर रेलवे (गोरखपुर) के लिए एक दर्जन से अधिक नाटको का लेखन, निर्देशन कार्य, जिसे अधिकतर नाट्य प्रतियोगिताओ...

Book Details

ISBN: 9789351964490
Publisher: Syed Sultan Ahmad Rizvi
Number of Pages: 293
Dimensions: 5"x7"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

Hallaur 'Itihaas ke Ayine Me'

Hallaur 'Itihaas ke Ayine Me'

(4.50 out of 5)

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2 Customer Reviews

Showing 2 out of 2
Abbas Rizvi 10 years, 5 months ago

Re: हल्लौर "इतिहास के आईने में"

Greatly appreciated..Had gone through the entire content,captivating right from the first page, really great collection.... Mind blowing !!! already suggested this book on to friends, am sure they will enjoy...

hallauriforu 10 years, 6 months ago Verified Buyer

Re: हल्लौर "इतिहास के आईने में"

Dear Sultan Ahmad Rizvi (Bhaijaan) I am glad to see your most awaited book Hallaur Itihaas ke Ayine me it is very good initiative taken by you. It must be...

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