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जो मेरा था ही नहीं - भाग 1

TANISH
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹249 + shipping
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Description

TANISH का उपन्यास – “जो मेरा था ही नहीं (भाग – 1)” एक भावनात्मक, यथार्थवादी और गहराई से लिखी गई कहानी है, जो एक साधारण युवक की असाधारण जीवन-यात्रा को सामने लाती है। यह सिर्फ एक प्रेम कथा नहीं है, बल्कि सपनों, अस्वीकृति, संघर्ष, आत्मसम्मान और अधूरेपन की वह दास्तान है जो हर उस युवा से जुड़ती है जिसने कभी कुछ दिल से चाहा हो — और खो दिया हो।

अगर आप सर्च करते हैं — “Tanish ka novel”, “Jo mera tha hi nahi by Tanish”, “Jo mera tha hi nhi part 1”, “Jo mera tha hi nahi pdf”, या “Jo mera tha hi nhi novel pdf”, तो आप जिस कहानी की तलाश करेंगे, वह केवल शब्दों का संग्रह नहीं बल्कि जीवन के कटु यथार्थ का आईना है।

यह उपन्यास एक छोटे शहर के युवक की यात्रा को दर्शाता है, जो बचपन से ही बड़े सपने देखता है। वह इंजीनियर बनने का सपना संजोता है, अपने पहले प्रेम को अपने लक्ष्य में ढाल देता है, और हर परिस्थिति से लड़ते हुए आगे बढ़ता है। लेकिन जीवन सीधी रेखा नहीं होता। आर्थिक संघर्ष, सामाजिक दबाव, असफल प्रेम और आत्म-संदेह उसके रास्ते में दीवार की तरह खड़े हो जाते हैं।

कहानी की सबसे बड़ी विशेषता इसका मौन प्रेम है। यहाँ प्रेम का शोर नहीं है, बल्कि धड़कनों की धीमी आहट है। होली का वह दृश्य, जहाँ लाल गुलाल केवल रंग नहीं बल्कि अनकहे भावों का प्रतीक बन जाता है, पाठक को भीतर तक छू जाता है। यह वही क्षण है जहाँ पाठक समझता है कि कुछ रिश्ते नाम के बिना भी जीवनभर साथ चलते हैं।

“जो मेरा था ही नहीं” केवल प्रेम और विरह की कहानी नहीं है। यह उस संघर्ष की भी कहानी है जहाँ एक छात्र सरकारी परीक्षा देने जाता है, जेब में सीमित पैसे होते हैं, और वापसी के लिए 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। वह दृश्य सिर्फ आर्थिक कठिनाई का वर्णन नहीं करता, बल्कि यह बताता है कि जब हालात विपरीत हों, तब भी इंसान का आत्मविश्वास उसे गिरने नहीं देता।

यदि कोई पाठक “Jo mera tha hi nahi summary”, “Hindi emotional novel by Tanish”, “Best Hindi novel for youth 2026”, “Inspirational Hindi novel about struggle”, या “Hindi novel based on real life struggle” खोजे, तो यह उपन्यास उन सभी खोजों का उत्तर बन सकता है।

इस उपन्यास में 90 के दशक की भावनात्मक गहराई है — जहाँ मोबाइल कम थे, सपने बड़े थे, और रिश्तों में सादगी थी। छोटे शहर की गलियाँ, कॉलेज का हॉस्टल जीवन, दोस्तों की शरारतें, और भीतर पलता हुआ आत्मसंघर्ष — यह सब मिलकर कहानी को जीवंत बना देते हैं।

लेखक तनीश ने भाषा को सरल रखा है, पर भावों को गहरा। यह शैली पाठक को कहानी के भीतर खींच लेती है। हर अध्याय के अंत में एक ठहराव है, एक ऐसा मौन जो पाठक को सोचने पर मजबूर करता है। यही कारण है कि “Jo mera tha hi nahi by Tanish” केवल पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि महसूस करने का अनुभव बन जाता है।

जो पाठक “Jo mera tha hi nhi novel pdf download” या “Jo mera tha hi nahi full story” सर्च करते हैं, वे दरअसल उस भावनात्मक जुड़ाव की तलाश में होते हैं, जो इस उपन्यास की आत्मा है। पर यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को समझने के लिए है।

इस कहानी में यह प्रश्न बार-बार उठता है —
क्या हर वह चीज़ जो हमें अपनी लगती है, सच में हमारी होती है?
या जीवन हमें सिखाता है कि “अपना” भी कभी-कभी केवल एक भ्रम होता है?

“जो मेरा था ही नहीं (भाग – 1)” का अंत पूर्ण विराम नहीं देता, बल्कि एक ठहराव देता है। यह पाठक को अधूरेपन के साथ छोड़ता है, क्योंकि जीवन भी अक्सर अधूरा ही होता है। यही अधूरापन भाग – 2 की प्रतीक्षा को जन्म देता है।

अगर आप एक ऐसी किताब की तलाश में हैं जो युवा मन की बेचैनी, आत्म-संघर्ष, मौन प्रेम और जीवन की कठोर सच्चाइयों को एक साथ पिरो सके — तो Tanish ka novel “Jo mera tha hi nahi” आपके लिए है।

यह पुस्तक उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी किसी को बिना कहे चाहा हो, जिन्होंने परिस्थितियों से हारने के बजाय खुद को बदलना सीखा हो, और जिन्होंने समझा हो कि कभी-कभी जो सबसे अपना लगता है, वही सबसे दूर चला जाता है।

“जो मेरा था ही नहीं” एक कहानी नहीं — एक अनुभव है।
एक सफर है।
एक सवाल है।
और शायद… एक उत्तर भी।

About the Author

तनिश का जन्म वर्ष 2003 में दिल्ली में हुआ। प्रारंभिक जीवन के कुछ वर्ष महानगरीय वातावरण में बीते, परंतु उनकी औपचारिक शिक्षा उत्तर प्रदेश के कासगंज जनपद से संपन्न हुई, जहाँ से उन्होंने हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। विद्यार्थी जीवन से ही उनके भीतर जिज्ञासा, संवेदनशीलता और रचनात्मक अभिव्यक्ति की प्रवृत्ति स्पष्ट दिखाई देने लगी थी। विज्ञान के प्रति रुचि के कारण उन्होंने आगे चलकर बीटेक में प्रवेश लिया। तकनीकी शिक्षा के प्रति उनका आकर्षण केवल डिग्री तक सीमित नहीं था, बल्कि वह इसे अपने भविष्य के स्वप्न से जोड़कर देखते थे।

हालाँकि आर्थिक परिस्थितियों ने उनके मार्ग को सरल नहीं रहने दिया। बीटेक में प्रवेश लेने के एक वर्ष पश्चात उन्हें वित्तीय कारणों से अध्ययन छोड़ना पड़ा। यह उनके जीवन का एक निर्णायक मोड़ था। कठिन परिस्थितियों ने उन्हें पीछे हटने के बजाय स्वयं को पुनर्गठित करने की प्रेरणा दी। इसके बाद उन्होंने कला संकाय में स्नातक स्तर पर प्रवेश लिया और bachelor of arts की पढ़ाई पूरी की। इसी अवधि में साहित्य और भाषा के प्रति उनका रुझान गहरा होता गया। शब्दों की शक्ति, भावों की अभिव्यक्ति और समाज के यथार्थ को समझने की दृष्टि ने उन्हें हिंदी साहित्य की ओर उन्मुख किया।

आगे चलकर उन्होंने master of hindi की पढ़ाई आरंभ की, जिससे उनके विचारों को वैचारिक आधार और अभिव्यक्ति को परिपक्वता मिली। उनका लेखन युवा मनोविज्ञान, सामाजिक यथार्थ, संघर्ष, स्वप्न और आत्मसम्मान जैसे विषयों पर केंद्रित है। वे मानते हैं कि साहित्य केवल कहानी कहना नहीं, बल्कि समय और समाज के बीच संवाद स्थापित करना है।

उनकी रचना jo mera tha hi nahi by tanish एक ऐसे युवा की यात्रा को प्रस्तुत करती है जो सपनों और परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। पाठकों द्वारा tanish ka novel या jo mera tha hi nhi part 1 के रूप में खोजी जाने वाली यह कृति भावनात्मक गहराई और यथार्थपरक दृष्टि का संगम है। कई पाठक jo mera tha hi nahi pdf या jo mera tha hi nhi novel pdf जैसे शब्दों से इस कहानी तक पहुँचना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि यह रचना समकालीन युवा पाठकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है।

तनिश का उद्देश्य केवल कथा प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि ऐसे प्रश्न उठाना है जो पाठक को भीतर तक सोचने के लिए प्रेरित करें। वे अपने लेखन के माध्यम से उन अनुभवों को शब्द देना चाहते हैं, जो अक्सर समाज में अनकहे रह जाते हैं। उनकी दृष्टि में साहित्य आत्मचिंतन, संघर्ष और परिवर्तन की प्रक्रिया का माध्यम है, और वे इसी दिशा में निरंतर लेखनरत हैं।

Book Details

ISBN: 9789357590471
Publisher: TANISH
Number of Pages: 100
Dimensions: 5"x8"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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