भकमोड़
भइया अपने गांव में
ब्रम्ह संवाद
बेरंग प्यार
बेबीलोन रीविसिटेड (साराँश)
बेटीक पैरुख
बुरखा
बुंदेली गीतगोविंद
बीरांगना
बीति गेल समय
बिना शब्दों के
बिना किसी सुराग (रहस्य)
बिखरी पंखुड़ियाँ
बिखर गयी आत्मा
बाल-गोपाल
बाल प्रज्ञा
बाजीगर
बराबर प्यार करना
बयान-ए-दर्द
बदलैत समय
बदले की खुशबू (रहस्यमयी हत्या)
बदलि रहल अछि सभकिछु
बटन दबाओ पार्थ
बजन्ता-बुझन्ता