कुछ कहना चाहता हूँ
कुछ अल्फ़ाज
कुछ अरमान शेष रह जाते हैं
कुछ अधूरे से
कीमत मत पूछो
किस्सा भगत पूरणमल–हरयाणवी लोक रागनी संग्रह-समीक्षा सहित
किताबी बाते
किछु फुरा गेल हमरा
काश...
काश मैं ऐसा इंजीनियर होता (कविता संग्रह)
काश मगर शायद
काश आज मेरे बाबा होते
काव्यामृत कुंज
काव्यादर्श
काव्यांश जिजीविषा
काव्य रस
काव्य मञ्जूषा 2
काव्य तरंग/Kavy Tarang
कालजयी लोकगीत Kaaljayee Lokgeet
कारवाँ
काय राहिले बाकी
कागज़ के "शेर"