मैं और मेरा मन
मैं और मोहब्बत के दरमियान
मैं और समाज
मैं कवि नही हूँ कोई
मैं गीत गाऊँगा ही
मैं चाहता हूं
मैं देवी हूँ (Main Devi Hun)
मैं बेटी हूँ महाकाल की
मोह (भाग-1)
मोहब्बत शायरी
मौन की महागाथाएँ
मौन प्रतिक्षा
मौन में गूंजती बाँसुरी
म्हारा थारा प्यारा हरियाणा (काव्य)
म्हारा हरियाणा (हरियाणवी कविताएं) साझा-संग्रह
य र ल व श स ह
यदा-कदा
यह उन दिनों की नज्म़ है
यात्री हो तुम भी
याद बन कर रह गए
यादगार स्मृतियों में मुबारकें
यादगार हो तुम
यादो रे दिवे
ये आसमां तेरे क़दमों में है