शहर, स्पा और चंचल (देह एक, ज़ख्म अनेक)
आओ, तुम्हें मैं मीत लिखूँ
कहानियों के आईने में जीवन कौशल
आवाज़ दी उसने (जहाँ खामोशी भी आवाज़ बन जाती है...)
रिश्ता तेरा मेरा (दो न्यायाधीशों की प्रेम कहानी)