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"क्या हर मोहब्बत का मुकम्मल होना ज़रूरी है? या कुछ मोहब्बतें अधूरी रहकर भी अमर हो जाती हैं?"यह कहानी है कबीर और सुहानी की। कबीर, जो सुहानी की हर मुस्कुराहट में अपनी दुनिया देखता था, और सुहानी, जिसके लिए कबीर का साथ ही उसकी सबसे बड़ी ताकत था। दोनों ने एक-दूसरे को बेपनाह चाहा और साथ जीने-मरने के ख्वाब बुने। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।जब हालात बदले और वक्त ने करवट ली, तो कबीर और सुहानी के रास्ते हमेशा के लिए अलग हो गए। प्यार आज भी वही है, पर उनका साथ छूट चुका है।क्या कबीर और सुहानी की यह अधूरी दास्तां कभी पूरी हो पाएगी? क्या वक्त के थपेड़े उनके प्यार को मिटा देंगे, या यह जुदाई उनकी मोहब्बत को हमेशा के लिए अमर कर देगी? रूह को झकझोर देने वाली एक ऐसी ही इमोशनल लव स्टोरी, जो आपके दिल में उतर जाएगी। जानने के लिए अभी पढ़ना शुरू करें।
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