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क्या आपकी सैलरी में गुज़ारा तो हो जाता है, पर सपने पूरे करने के लिए पैसा नहीं बचता? क्या आपने कभी सोचा है, "काश महीने में ₹5,000 या ₹10,000 और आ जाते?"
अगर हाँ, तो यह किताब आपके लिए है। इंटरनेट पर "घर बैठे लाखों कमाओ" जैसे विज्ञापन भरे पड़े हैं। यह किताब वैसी नहीं है। यहाँ कोई झूठा वादा नहीं है, और न ही कोई "गारंटीशुदा कमाई" का दावा। यहाँ सिर्फ एक सीधी बात है: छोटी शुरुआत कैसे करें, और उसे सही तरीके से आगे कैसे बढ़ाएँ।
किताब की हर कहानी नेहा की है, जो 24 साल की है और एक कंपनी में नौकरी करती है। उसकी सैलरी ₹22,000 है। उसकी मदद करती हैं उसकी कज़िन कविता दीदी, जो खुद नौकरी के साथ एक्स्ट्रा कमाई करती हैं। नेहा के सवाल शायद वही हैं जो आपके मन में भी हैं।
इस किताब में आपको मिलेगा: अपनी स्किल पहचानने का आसान तरीका, आस-पास और ऑनलाइन दोनों तरह के काम की समझ, पहला ग्राहक ढूँढने और कीमत तय करने के तरीके, ठगी से बचने के साफ नियम, और हर अध्याय के अंत में "आज का काम" और आखिर में 30 दिन का प्लान।
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