You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
अनुक्रम
प्रारम्भिक पद्य 16
अनचिन्हार आखर 16
स्वप्न मे मिज्झर होइत……. 16
मृत्यु गीत (लोकगीत) 16
खण्ड १ — स्वप्नमे मिज्झर होइत 17
कालक धार पार अनन्तक उजास 18
प्रश्नक देहरीसँ मुक्तिक आकाश 28
हथेली भरि धरती, आँखि भरि सत्य 35
एक पात पर सात दिशाक ओस 43
दुःखक गाँठ खोलैत भोर 56
लौ बदलैत रहैत, उजास चलैत 62
चार खिड़की आ एक खुलल आकाश 67
मुट्ठीक भीतर जे घर नहि 73
दर्पणक पार जे देखैत अछि 78
श्वासक भीतर एक स्थिर आकाश 82
एक-एक कणक अपन चेहरा 86
धुँआक पार जे आगि अछि 90
अनेक नामक पाछाँ एक अनाम उजास 94
भीतरक आकाश, बाहरक आकाश 97
तीन दुआर, एके अनन्तक दिस 102
दू हवाक बीच जागैत नव भोर 107
खण्ड २ — स्वप्न, जागरण आ मिज्झर समय 114
स्वप्न सँ पहिने 115
नजरि लागि जाइ छै 115
भाग्यशाली 115
जाइत जाइत 117
बिलाइत आसक चेन्हासी 118
शामिल बाजाक दुन्दभी वादक 119
मन्दाकिनी जे आकाश मध्य 120
नव व्यवस्था 121
नव व्यवस्थाक मनुक्ख 121
नव व्यवस्थाक दलित 121
नव व्यवस्थाक पुरहित 122
नव आ पुरान व्यवस्थाक हाट 122
जखन मशीन आ बिलाड़ि दुनू बुझैए हमरा मृत 123
हाइ रे कुमारिल!! 126
बुद्धिक भरोसे गढ़ल नव सत्यक गढ़नि 128
आकांक्षाक अग्नि 128
अनुक्रमणिका आ विषय सूचीसँ आगाँ 128
व्यावहारिक आ सैद्धांतिक 128
हमर शरीरक भाथीमे पैसैत अछि वायु 130
कबिराहाक कनसीपर उठैत धुन 130
भुजनाठीसँ लाड़ैत आकांक्षाक अग्नि 130
अतिखाइन 131
भैसाठ 131
धेनुआर घानी 131
मन्तुर पढ़ि छत्ता लग जायब 132
बकछुछरु खेलाइत भीखू संग 132
उजाहिमे उपलाइत हम आ माँछ 134
ठाढ़ लत्तीकेँ पढ़ैत छी 135
श्राद्ध ने मरा जाय 136
शलातुर गाम 136
बड़का सड़क छह लेन बला 137
पक्काक जाइठ 139
पता नै घुरि कऽ जायब आकि… 140
गजल 142
प्रकृति, पुरुष 142
हाइकू/ शेनर्यू/ टनका 145
कुण्डलिया 148
मिथिलाक ध्वज गीत 149
टुटैत अबैत स्वप्नक बीच 149
जोति बड़द सोचमे पड़लौं 149
बिसरलौं फेर- कर्णक मृत्युक छोट-छीन रूप 149
कटिहारी 150
डैनियाही दुपहरिया 153
खाम्ह अदृढ़ताक ठाढ़ 154
निन्नक ओहि पार 154
स्वप्न विहीन शून्य 156
सङ गामक पोखरि कात 156
सङ सागर तटपर 157
सर्वज्ञाता 158
स्वप्न विहीन शून्यक पाछाँ 161
घृणाक तरहरिमे 161
जावत रहब 161
चतुरहस्त 162
बुढ़िया डाही 163
आ तखन, फैसला हेतै आब 164
जँ विश्वास कऽ ली अहाँपर, ऐ प्रकृतिपर 165
घड़ी पूजा 166
नाराशंसी 170
निगदति कुसुमपुरेऽभ्यर्चितं ज्ञानम् 173
सपना 174
चुप्पीक अपन बोली 174
स्मृति-भय 175
वादक सम्बल अर्थहीन 180
स्वप्न मे मिज्झर होइत 181
क्षणक अछोर 181
चमत्कारक पोथी 182
विचारक विराम 183
भयक पकड़ ढील होइत 183
कलहक अभ्यास 184
अपन परिचयक खाली ठाम 184
घड़ीक बाहरी किनार 186
एतहि खोज 186
प्राणक गवाही 187
शब्दशास्त्रम् 187
अपन दाबीक सोझाँ 188
माया-अविद्या 188
चिन्तक 188
बीतैत दिनक संग 189
देहक देहरी 190
चिन्हब आ बुझब 190
डीह 191
मनुक्ख 191
अन्तक प्रश्न, आइक दिन 191
स्वप्नमे मिज्झर होइत 192
स्थितप्रज्ञतामे लिबैत सत्य! 198
ई जिनगी कोनो बेजाय नै अछि 199
महत्वाकांक्षा 200
ओकरा हँसैत देखि जे आबि जाइ छौ तोरा नोर 200
खण्ड ३ — ओस, देहरी आ घरक नेह 202
देहरीक ओहि पार 203
अनचिन्ह घाटक नेह 203
बोलीक चिरै 204
मेघक पएरक चिन्ह 205
अँगुरीमे बसल गीत 206
पलकक ओहि पार 207
अँजुरीसँ आगाँ 208
पएरक अपन बाट 208
बोलक भीतर बसात 209
सभक लेल पाँति 210
कुहेसाक बनल घर 211
एक नामक कतेक पात 211
फेर चिन्हल देहरी 212
आधखुलल किवाड़ 213
आँगनक खुलल दिशा 214
नेनाक बोलीमे भोर 214
खाली खूँटीक छाँह 215
दोसर आँखिक ठाम 216
माटिक भीतर पाँखि 216
रंगक अनकहल स्वर 217
भीतरक अचल ठाम 218
निन्नक पाछाँ सेहो जागल 219
टेढ़ बाटक हरियरी 219
कंठसँ उड़ल चिड़ै 220
खण्ड ४ — अर्थ, भाषा आ लोकजीवनक अँजोर 222
जड़िक नव पात 223
काल्हिक बीआ 223
दू बाटक बीच 224
एक जल, अनेक लहरि 224
खाली पीढ़ी 225
पयरसँ आगाँ प्रश्न 225
मोनक दूर किनार 226
रोटीक पाछाँक भूख 226
करघाक नव फूल 227
फेर अँकुरायब 227
भोरक खुलल आँखि 228
बोलैत आँगन 228
छुबैत धरती 229
नक्शाक बाहर 229
चाहक आकार 230
आवाजक पुल 230
सुखक सीढ़ी 231
अलपनाक दुआर 231
बराबरक थारी 232
जियबाक कारीगरी 232
आँखि आ हथेली 233
देखि रहल छी 233
हमरा नीक लगैत अछि 234
अवश्य होयत? 234
अनमोलक छाँह 235
मेहनतिक रंग 235
नामक ओहि पार 236
बजबाक पहिल दिन 236
फेरसँ ताकू 237
हरेक पातक अपन हरियरी 237
रंगक सङ्ग रूप 238
गाँठिक भीतर बाट 238
किएकक अनेक रंग 239
अञ्जुरीक उजास 239
प्रश्नक पाछाँक शान्ति 240
कहलासँ बचल 240
खेलक बोली 241
भीतरक नीरव घर 241
कारणक सीढ़ी 242
ओझरायल उजास 242
नजरिक मिलन 243
सपनो जखन सुतल 243
निन्नक तीन किनार 244
डगमग धरतीपर 244
काल्हिक भोर 245
सम्भवक खिड़की 245
एहि क्षणक ताप 246
जागल की सपना? 246
पहिने ककर पहिचान 247
चाहीक स्वर 247
अहाँक पीड़ा 248
बोलक बसात 248
शब्दक घरमे 249
सीखल स्वर 249
सभक चौक 250
फूल आ फीता 250
अपन पयरक भार 251
साँचासँ बाहर 251
खुलल आकाशक नीचाँ 252
देहक घेरसँ 252
जगतक सङ्ग जागब 253
हथेलीक पाथर 253
एकलसँ सङ्ग 254
समयक पायल 254
अनगिन ढङ्गक फूल 255
कसौटीक उजास 255
माप आ मापल 256
भेटक अनेक बाट 256
सभ चाबी एक नहि 257
अपनहि प्रकाश 257
खुलल बैसार 258
प्रश्नकेँ खोलू 258
धीरे सुलझल डोर 259
नाव आ किनार 259
अर्थक खुलल वन 260
बातक भरोस 260
जाँचक दुआर 261
अर्थक बाँचल ठाम 261
सभ उजासक अपन दिशा 262
खण्ड ५ — भाषा 263
भाषा जे भीतर घर करैत अछि 264
मैथिलीक नव खेत 265
विचार जखन अपन बोली पबैत अछि 267
पुरान अक्षरमे नव प्रश्न 268
जड़िसँ क्षितिज धरि 269
स्वराजक भीतर विचारक स्वराज 271
अपन धरती, खुलल आकाश 272
प्रश्नक परिसर 275
जे प्रश्न अखनो उत्तर माँगैत अछि 277
अनुभवक कसौटी 280
पाँच दशकक देहरी 282
दृश्यक पाछाँ जे प्रश्न अछि 285
सृजनक भीतर मनुष्य 288
मूल्यक भीतर संस्कृति 293
व्यक्ति आ समाजक बीच खुलल प्रश्न 299
ज्ञानक तलघरमे दीप 305
देहक भीतर “हम” 316
सुन्दरक सीमा सँ पार कला 323
अखंड आकाशक बाट 333
ध्वनिक पार अर्थक उजास 339
भीतरक दरबज्जा पर उजास 350
मनुखताक आँगनमे नव भोर 361
जतय मनुख मनुखक उजास 371
अदृश्य तराजूक उजास 391
टूटल आइना मे अनेक आकाश 413
निर्णयक धधकैत देहरी 437
माटिक नाड़ीमे हमर श्वास 459
अपन आँखिसँ भोर 486
पुरान नदीमे नव धार 514
दीपक पाछाँक अनाम उजास 536
दिशा-दिशासँ आबैत दीप 555
खण्ड ६ — प्रश्न 573
जड़ चित्रक पाछाँ बहैत प्रश्न 574
मुक्तिक धुरीसँ बाहर विचारक आकाश 575
मुक्ति एक प्रश्न, चिन्तन अनेक बाट 576
श्रुतिक वनमे ककर स्वर मूल 577
सीमाहीन कथनक भीतर मौन प्रश्न 578
सूत्रक देह पर समयक अनेक लेख 579
साक्षी आ प्रकृतिक बीच अन्तिम दूरी 581
भ्रमक गाँठिसँ अभेदक निस्तब्धता 582
एक नामक भीतर अनेक विपरीत दिशा 583
अग्निक अर्घ्य आ कर्मक एकल लेखा 584
चारि लक्ष्यक चौखटिसँ बाहर जीवन 585
सूचीक भीत नहि, प्रश्नक जीवित नदी 586
यज्ञक धुँआसँ तर्कक पहिल उजास 588
वस्तुक सात दुआर, साक्षीक एक नेत्र 589
इन्द्रियक पवन थमलापर अन्तर आकाश 590
शब्दक बीजसँ कल्पनाक वन 591
राजदण्ड, श्रम आ साझा घर 592
क्षणक धार आ अनेक दृष्टिक किनार 594
मतक भीत पारि प्रश्नक भूगोल 595
शब्द, शून्य आ अभेदक पूर्वराग 596
सम्बन्धक सूक्ष्म जालमे ज्ञानक दीप 597
एक आ अनेकक अनन्त बहस 598
प्रेमक पाँचम दिशा 599
सूक्ष्म भेदक नोक पर अर्थ 601
पुरान श्रुति आ नव आगमक संगम 602
परम्पराक भीतमे विद्रोही खिड़की 603
लोकक कण्ठमे उतरैत चिन्तन 604
दू भाषाक बीच टूटल सेतु 605
टूटल परम्परासँ नव संश्लेषक पथ 606
अजन्म मौनसँ जगक आवागमन 608
दुःखक प्रश्न पर नैतिक आकाश 609
श्रम, शक्ति आ सीमाक नगर 610
रसक क्षणमे जगत आनन्द बनल 611
समयक धूलिमे पदचिह्न खोजैत मन 612
खण्ड ७ — अनेक दिशाक दार्शनिक आकाश 614
अनेक दिशाक एक सत्य 615
कारणक सीढ़ी, सत्ताक ज्योति 617
अपनहि उजासक प्रत्यभिज्ञा 620
माटिसँ अतिमानस धरि 622
रूप, कारण आ मध्यम मार्ग 624
सन्देहक रातिसँ विश्वासक भोर 626
भीतरक प्रकाश आ दू नगर 629
शब्दक पार जे स्वर जागय 632
कहबो एकटा काज अछि 634
एकहि उजासक अनेक दुआर 636
प्रकृति नाचय, पुरुष देखय 638
तर्कक फूलसँ सत्यक अर्घ्य 641
हेतुक दीप, आत्माक साक्षी 643
पदार्थक गति, मनुष्यक मुक्ति 645
अर्थक कसौटी 648
कण-कणमे भेदक व्याकरण 650
अपन आचरणसँ राज्य सँवारू 653
अनुभवक साँचा, कर्तव्यक दीप 655
अर्थक नक्शा, भाषाक अनुशासन 658
प्रतीकक जग, मनुष्यक अर्थ 660
चुनावक क्षण, आस्थाक छलाँग 663
प्रमाणक छह दीप 665
अनुभवक धरती पर समाजक विज्ञान 668
राज्यक मूल प्रजाक हित 670
अनुभूतिक रूप, इतिहासक स्वतन्त्रता 673
अनुभवक किनार पर विश्वासक जाल 675
ज्ञानक चारि दुआर 678
सत्यक धागा, करुणाक करघा 680
निद्राक चारि घाट पारि अजन्म उजास 683
संशयसँ निर्णय धरि 685
प्रेमक नाममे खुलैत अनन्त 687
कर्मक पाछाँ अनदेखल सेतु 690
समस्या सँ अनुभवक नव बिहान 693
क्षणक रूप, निषेधक भाषा 695
संशयक राखिमे निश्चित स्वर 698
क्षणक उजास, हेतुक पाँखि 700
शून्यक बीच सम्बन्धक ज्योति 702
भेदक भीतर अभेदक राग 705
पुरान मूल्यक राखसँ नव अगिनि 708
शब्दक देहमे अर्थक धड़कन 711
चित्तक तरंग थमल तखन 713
संशयक चुभन, कर्मक अर्थ 716
सूत्रक दाना, भाषाक अनन्त वन 719
एक प्रतिवादक दीप 722
कणसँ ध्वनि धरि जगक जाल 724
वाक्यक संगति, ज्ञानक अपन उजास 727
छायाक गुफासँ रूपक सूर्य 729
देखल जगक मौन उजास 731
सूत्रक गाँठिमे अनन्तक स्वर 733
सुखक तराजू, समाजक प्रश्न 736
घड़ीक पारि बहैत जीवन 739
टुकड़ाक पारि अखण्ड उजास 742
नकारक सीढ़ी सँ स्वतन्त्र आत्मबोध 745
शब्दक भीतर अखण्ड ज्योति 746
पाँच भेदक बीच समर्पणक दीप 749
देहक आँखिसँ खुलैत संसार 752
ज्ञानक दर्पण, हेतुक डोरी 754
श्रमक हाथ, बदलैत जग 757
रहस्यक दुआर पर खुलल हाथ 760
स्वतन्त्र स्वर, सुखक गहिर माप 762
‘नीक’ केर अनिर्वचनीय उजास 765
करुणाक अंकुर, जनक राज 767
नेति-नेतिक पारि अन्तरतम साक्षी 770
सीमारेखाक आगिमे आत्मक उजास 772
तर्कक कण, भाषाक पारदर्शी आकाश 775
भाषाक गाँठि, मनक अदृश्य चाल 778
पूब-पश्चिमक बीच एकहि उजास 781
अनेक रूपमे एकहि आश्रय 784
मनुष्यक हाथमे स्वतन्त्र भोर 787
वनक स्वतन्त्र साँससँ जन-इच्छाक नगर 789
निःशब्द धाराक सहज बाट 791
अदृश्य केन्द्रसभक एक सुर 795
अनुभवक कोरा पात पर स्वतन्त्र हस्ताक्षर 798
विश्वासक आगि, अन्तरात्माक मुक्त स्वर 801
श्रमक मुक्ति, बदलैत धरतीक गीत 804
सत्य जगत पर कृपाक मधुर धारा 807
चेतनाक धारामे रूपक स्वप्न 810
अनेक बाटक बीच विवेकक सेतु 813
प्रमाणक चारि दुआर, मुक्तिक एक बाट 816
शब्दक खेलमे जगक सीमा 819
नियमक जालमे अर्थ खोजैत मनुष्य 822
क्षणक गर्भमे सृष्टिक अनन्त बहाव 826
तीन परत पारि एकहि उजास 830
वचनक विधिमे कर्तव्यक अदृश्य बीज 833
भेदक सूक्ष्म रेखा, सम्बन्धक मौन सूत्र 835
सन्देहक पारि विश्वासक चारि आकाश 838
अपनेक निर्माणक खुलल आकाश 841
इन्द्रियक शोर आ अन्तरक दीप 844
पहिचानक धरती, वाक्यक मौन पूर्वशर्त 848
एकहि अनन्त धारा, अनिवार्य जग 851
सरल बीजसँ बहुरंगी जग 853
फेंकल क्षणसँ मृत्यु-दिशि खुलल समय 856
भयक मैदान सँ अनुबन्धक नगर 860
छापक आगिसँ आदतक कारण 863
चेतनाक दुआर पर वस्तुक उजास 865
सात भंगीक खिड़की सँ अहिंसक सत्य 868
विरोधक गर्भसँ पूर्णताक यात्रा 870
खण्ड ८ — सन्देह, अनुभव, इतिहास आ न्याय 874
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book स्वप्न मे मिज्झर होइत.