You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात

डा0 अनिल चडड़ा
Type: Print Book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: ₹255 + shipping
Price: ₹255 + shipping
Due to enhanced Covid-19 safety measures, the current processing time is 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

'कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात' में अपनी रचनाओं को मैंने जीवन-मूल्यों पर आधारित करने की कोशिश की है । इसके तीन भाग हैं । प्रथम भाग में मैंने अपनी बात कही है । द्वितीय भाग को मैंने स्वयँ और अपने करीबी लोगों पर आधारित करने की कोशिश की है। तृतीय भाग में जग की बातों को आपके समक्ष रखने की कोशिश की है। आशा है आप मुझे मेरी कोशिश में सफल मानेंगें ।

About the Author

जब से होश संभाला है तब से ही कविता मन में रची बसी है । इसलिये, कविता किये बगैर रहा नहीं जाता । यदि कुछ लिखे बिना कुछ समय निकल जाता है तो मन में एक अजीब सी बैचेनी का अनुभव होने लगता है और मन स्वत: ही कुछ कहने को उद्गविन हो उठता है । मेरी रचनाओं में हो सकता है तकनीकी खामियाँ हों, पर ये मेरी सोच, मेरी भावनाओं का प्रतिबिम्ब हैं । मैंने जैसा भी अनुभव किया है, उसे ज्यों का त्यों सरल शब्दों में पेश किया है । ये भावनाएँ, ये सोच मैंने अपने आसपास के परिवेश से, लोगों के आचरण से ग्रहण की हैं और इन्हे शब्दों में पिरोने का प्रयास किया है ।

मैंने अपनी रचनाओं का शीर्षक ‘कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात’ इसलिये रखा है कि इन रचनाओं में जो कुछ भी परिलिक्षित है उनमें कुछ को तो मैंने परोक्ष रूप से देखा है, अनुभव किया है परन्तु कुछ भावनाएँ ऐसी हैं जो मैंने अंदर से महसूस की हैं, मेरे अंदर से प्रस्फुटित हुईं हैं । इसलिये, कुछ भावनाओं को तो मैंने समझ कर शब्दों में पिरोया है परन्तु कुछ भावनाएँ ऐसी भी हैं जिन्हे मैं स्वयँ भी नहीं समझ पाया कि क्यों मुखरित हो रही हैं । शायद ये सब अवचेतन मन की अवस्था का परिणाम हो ।

‘कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात’ मेरी उन रचनाओं का संकलन है जिनमें से कुछ कहीं कहीं प्रकाशित हो चुकी हैं परन्तु कुछ अभी तक अप्रकाशित ही हैं । मन में ये प्रबल इच्छा रही है कि मैं अपनी रचनाओं को जग के समक्ष लाऊँ लेकिन किन्ही कारणों से ये टलता ही रहा। या यूँ कहिये कि मैंने इतना प्रयास ही नहीं किया कि इन रचनाओं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर सकुँ । अब अंतत: अपने कुछ शुभचिंतको के प्रयास के कारण यह संभव हो पा रहा है । अत: मैं अपने उन सभी शुभचिंतको का आभारी हूँ जिन्होंने मुझे यह प्रेरणा दी और जिनके प्रयास से आज यह संभव हो पाया है । मैं उन सभी का भी आभारी हूँ जिनके संसर्ग में आ कर मैंने अपने जीवन में नये-नये अनुभव किये और इन रचनाओं को जन्म दे पाया ।

Book Details

Number of Pages: 145
Dimensions: 5.83"x8.27"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात

कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात.

Other Books in Poetry

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.