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बस्तर की माटी से उपजी एक अमर प्रेम कथा...
'झिटकू-मिटकी' सिर्फ एक लोककथा नहीं, बल्कि अगाध प्रेम, समर्पण और बलिदान का एक जीवंत प्रतीक है। बस्तर के जनमानस और वहाँ की पारंपरिक शिल्प कला में रची-बसी यह हृदयस्पर्शी कहानी सदियों से लोगों के दिलों को छूती आई है।
इस पुस्तक में डॉ. शशि पाण्डेय ने इस मार्मिक कथा को बेहद सजीव और भावपूर्ण शब्दों में पिरोया है। यह कहानी आपको न सिर्फ एक भावुक सफर पर ले जाएगी, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उन अनकहे जज़्बातों से भी रूबरू कराएगी, जो आज भी लोक-गीतों में सांस लेते हैं।
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