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भारतीय साहित्य की 23 कालजयी कृतियों और 65,000 से अधिक शब्दों का एक अनूठा, महाकाव्यात्मक काव्य-समावेश! साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि किसी राष्ट्र की आत्मा और उसकी संस्कृति का जीवंत प्रतिरूप होता है। भारत की साहित्यिक परंपरा विश्व की सर्वाधिक प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली धरोहरों में से एक है। इस भव्य पुस्तक में लेखिका डॉ. अमिता सक्सैना ने भारत की 23 कालजयी साहित्यिक कृतियों की मूल चेतना, उनके अमर पात्रों, प्रमुख घटनाओं और शाश्वत जीवन-मूल्यों को 65,000 से अधिक शब्दों की एक ही प्रवाहपूर्ण, सरस और महाकाव्यात्मक काव्य-यात्रा में पिरोने का ऐतिहासिक प्रयास किया है। यह विशाल काव्य-कृति अतीत और वर्तमान के मध्य एक सजीव सेतु का कार्य करती है, जो हमारी प्राचीन ज्ञान-परंपरा और महान कृतियों के वैभव को नई पीढ़ी तक सहज और प्रेरणादायी रूप में पहुँचाती है। यह पुस्तक पाठकों के मन में मूल ग्रंथों को पढ़ने, समझने और भारतीय साहित्य के प्रति गर्व व आत्मीयता का दीप प्रज्वलित करती है। भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन-मूल्यों को आलोकित करने वाले सभी महान कवियों, ऋषियों और साहित्यकारों को सादर नमन करती यह अनुपम काव्य-यात्रा हर साहित्य-प्रेमी के लिए एक अमूल्य संग्रहणीय धरोहर है।
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