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छप्पन साल के एक सज्जन की तीनों नलियों में गंभीर ब्लॉकेज थी। उन्होंने बाईपास की जगह तीन महीने नींबू, अदरक, लहसुन और सिरके का काढ़ा चुना। वे पाँच महीने बाद लौटे — एक बड़े हार्ट अटैक के साथ।
उसी साल एक और सज्जन आए, जो इंटरनेट पढ़-पढ़कर इतने डर गए थे कि चलना तक बंद कर चुके थे। उन्हें चाहिए था सिर्फ़ एक दवा और एक साफ़ योजना।
दोनों कहानियों में एक ही समस्या है — सही जानकारी का न होना।
एक हृदय शल्य चिकित्सक की यह पुस्तक हर लोकप्रिय नुस्खे को विज्ञान की कसौटी पर परखती है — लहसुन, अर्जुन, हल्दी, अलसी, तेल, सप्लीमेंट, डिटॉक्स और चेलेशन — और बताती है कि क्या सचमुच काम करता है। साथ में योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया पर एक ईमानदार अध्याय भी — उन्हें सिखाने वाले एक आर्ट ऑफ़ लिविंग फैकल्टी और हृदय शल्य चिकित्सक की दोहरी नज़र से।
इस पुस्तक में:
• "मेरे मामा ठीक हो गए" सबूत नहीं है
• जड़ी-बूटी और दवा की टक्कर — खासकर खून पतला करने वाली दवाओं के साथ
• वनस्पति घी / डालडा से पूरी तरह बचिए
• योग, प्राणायाम, ध्यान और सुदर्शन क्रिया — क्या सचमुच मदद करता है, क्या नहीं
• तीस आम सवालों के सीधे जवाब
यह पुस्तक केवल स्वास्थ्य शिक्षा के लिए है। यह योग्य चिकित्सक की सलाह, जाँच या इलाज का विकल्प नहीं है।
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