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इतिहास केवल राजाओं, युद्धों और साम्राज्यों की कथा नहीं है। उसके पन्नों में उन अनगिनत नारियों का साहस, त्याग और संकल्प भी दर्ज है, जिन्होंने समाज और राष्ट्र की दिशा बदली।
'अंगारे और आंचल' भारतीय नारी-शक्ति को समर्पित एक विनम्र प्रयास है। इसमें प्राचीन और पौराणिक काल से लेकर मध्यकाल, मराठा और अठारहवीं सदी के संघर्ष, 1857 की क्रांति और स्वतंत्रता संग्राम तक की 44 वीरांगनाओं के जीवन को सरल, सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
इसमें कैकेयी, उर्मिला, रानी पद्मिनी, रानी कर्णावती, रानी दुर्गावती, राजमाता जीजाबाई, देवी अहिल्याबाई होल्कर, रानी चेन्नम्मा, रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हज़रत महल, ऊदा देवी, मैडम भीकाजी कामा, मातंगिनी हाजरा, दुर्गा भाभी, कनकलता बरुआ, रानी गाइदिन्ल्यू, कैप्टन लक्ष्मी सहगल और अरुणा आसफ अली जैसे नामों के साथ महाबीरी देवी, असगरी बेगम और अजीजन बाई जैसी कम चर्चित वीरांगनाएँ भी शामिल हैं।
हर अध्याय में जीवन-परिचय और संघर्ष के साथ एक प्रेरणादायी संदेश भी है। कहीं त्याग और धैर्य, कहीं मातृत्व और संस्कार, कहीं नेतृत्व और प्रशासन, तो कहीं देशभक्ति और बलिदान की सीख मिलती है।
यह पुस्तक विद्यार्थियों, युवाओं और विशेषकर बेटियों के लिए एक प्रेरणा-स्रोत है। यह बताती है कि वीरता का कोई एक रूप नहीं होता और परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन हों, साहस और दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ा जा सकता है।
यह पुस्तक किनके लिए है:
विद्यार्थी, शिक्षक और विद्यालय/गुरुकुल पुस्तकालय
इतिहास और भारतीय संस्कृति के प्रेमी
अपनी बेटियों को प्रेरक कहानियाँ पढ़ाना चाहने वाले अभिभावक
उपहार देने के लिए एक प्रेरणादायक पुस्तक खोजने वाले पाठक
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