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एक आगी के सौ भागी ( Ak Aagi Ke Shuo Bhagi )

छत्तीसगढ़ी पंचलाइन (Chhattisgarhi Punchline )
निखिल डोंगरे (NIKHIL Dongre )
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹160 + shipping
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Description

एक आगी के सौ भागी छत्तीसगढ़ी लोकजीवन, जनभाषा, कहावतों और लोक-अनुभवों से जुड़ी एक अनोखी पुस्तक है।

इस पुस्तक के शीर्षक के पीछे एक वास्तविक घटना है। गाँव चिरचारी खुर्द के दुर्गा मंच पर गीत गाने के दौरान लेखक निखिल डोंगरे ने एक ऐसी बात सुनी, जिसने उन्हें छत्तीसगढ़ी भाषा के सहज हास्य, व्यंग्य और गहरे अर्थों की ओर आकर्षित किया।

“कइसे आही, बिचारा घर कपाट लगइया नई है” जैसे संवादों से प्रेरित होकर लेखक ने स्थानीय बोलचाल, कहावतों और जनजीवन में प्रचलित रोचक अभिव्यक्तियों को संकलित करने की यात्रा शुरू की।

यह पुस्तक छत्तीसगढ़ी भाषा की सहजता, ग्रामीण जीवन की जीवंतता और लोक-अनुभवों की उस संपदा को सामने लाने का प्रयास है, जो सामान्य बातचीत में छिपी रहती है।

यह रचना उन पाठकों के लिए है जो छत्तीसगढ़ी भाषा, संस्कृति, लोककथन और गाँव की मौलिक अभिव्यक्तियों को जानना और सहेजना चाहते हैं।

About the Author

निखिल डोंगरे हिंदी साहित्य के विद्यार्थी, कवि एवं लेखक हैं। वे छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव जिले के चिरचारी खुर्द गाँव से संबंध रखते हैं।

उनकी लेखनी जीवन के अनुभवों, मानवीय भावनाओं, सामाजिक विषयों और लोकजीवन की सहज अभिव्यक्तियों से प्रेरित है। वे सरल भाषा में अपनी बात कहने और आसपास के जीवन में छिपे अर्थों को साहित्य के माध्यम से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं।

‘जीवन दर्शन’ उनकी काव्य-यात्रा की एक महत्वपूर्ण कृति है। ‘एक आगी के सौ भागी’ के माध्यम से वे छत्तीसगढ़ी जनभाषा, लोक-अनुभवों और स्थानीय अभिव्यक्तियों को संजोने का प्रयास कर रहे हैं।

उनका उद्देश्य साहित्य के माध्यम से लोकभाषा और लोकसंस्कृति की समृद्ध विरासत को पाठकों तक पहुँचाना है।

Book Details

ISBN: 9789334563061
Publisher: Nikhil Dongre
Number of Pages: 105
Dimensions: 5.82"x8.26"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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