You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
"सफ़र’" जीवन की उन राहों का काव्य-संग्रह है, जहाँ मंज़िल से अधिक महत्व यात्रा का होता है। इस पुस्तक के ‘ख़याल’ संघर्ष, आशा, रिश्तों, आत्ममंथन, समय, अनुभव और बदलती परिस्थितियों के बीच मनुष्य की निरंतर यात्रा को स्वर देते हैं। कहीं थकान है, कहीं ठहराव, कहीं बिछड़ना, तो कहीं फिर से चल पड़ने का साहस। सरल और संवेदनशील भाषा में लिखी गई ये रचनाएँ पाठक को अपने भीतर झाँकने, अपने अनुभवों को समझने और जीवन की अनिश्चितताओं को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती हैं। "सफ़र" केवल रास्तों और मंज़िलों की बात नहीं करता, बल्कि उस आंतरिक यात्रा को भी छूता है, जहाँ इंसान धीरे-धीरे स्वयं को पहचानता, सँवारता और अपने होने का अर्थ खोजता है।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book सफ़र.